By MP BUREAU,
Published: February 05, 2025, 04:13 PM

भोपाल। मध्यप्रदेश में बीजेपी के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष और संगठनात्मक नियुक्तियों का फैसला करेगी। खासकर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बड़े नेताओं को पार्टी में कैसे और कहां एडजस्ट किया जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकार बनने के 11 महीने बाद भी निगम-मंडलों में नियुक्तियां नहीं हुई हैं, लेकिन अब संगठन और सरकार में इन नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने की तैयारी की जा रही है।
भाजपा ने तैयार किया नियुक्तियों का खाका
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस से आए नेताओं को निगम-मंडलों और पार्टी की कार्यकारिणी में अहम पद दिए जाएंगे। प्रदेश संगठन ने नियुक्तियों का पूरा खाका तैयार कर लिया है और नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के बाद इन पर अंतिम मुहर लग सकती है। हाल ही में हुई बैठकों में इस पर मंथन हुआ, लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को एडजस्ट करने के मुद्दे पर पेच फंसा हुआ था। अब यह तय माना जा रहा है कि इन नेताओं को जल्द ही नई जिम्मेदारियां मिलेंगी।
सिंधिया समर्थक की नियुक्ति से मिले संकेत
शिवपुरी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक जसवंत जाटव को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद यह संकेत मिले हैं कि बीजेपी कांग्रेस से आए अन्य नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारियां सौंप सकती है। जाटव सिर्फ चार साल पहले बीजेपी में आए थे, जबकि पार्टी में सक्रिय भूमिका के लिए छह साल की सदस्यता जरूरी होती है। इसके बावजूद उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया, जिससे साफ है कि बीजेपी अपने नये सहयोगियों को संगठन में समायोजित करने के मूड में है।
इन दिग्गजों को मिल सकता है बड़ा पद
कांग्रेस से बीजेपी में आए कई बड़े नेता अब पद की आस में हैं। इनमें सुरेश पचौरी, रामनिवास रावत, दीपक सक्सेना और कमलेश शाह प्रमुख नाम हैं।
- सुरेश पचौरी को पार्टी संगठन या किसी निगम-मंडल में बड़ा पद मिल सकता है।
- रामनिवास रावत, जो बीजेपी में शामिल होने के बाद मंत्री बने थे लेकिन उपचुनाव हार गए, उन्हें निगम-मंडल के जरिए मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।
- दीपक सक्सेना, जो कमलनाथ के खास रहे हैं, उन्हें भी कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
- कमलेश शाह, अमरवाड़ा के विधायक, को भी मंत्री पद या निगम-मंडल में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पूर्व विधायक और सांसदों की भी होगी ताजपोशी?
लोकसभा चुनाव के दौरान कई पूर्व विधायक और सांसद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे। माना जा रहा है कि इन नेताओं को भी सत्ता और संगठन में समायोजित किया जाएगा। नए प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी में इन्हें अहम पद मिल सकते हैं।
यह खबर भी पढ़ें
MP कैबिनेट बैठक: जापान दौरे से लौटते ही सीएम मोहन यादव ने किए बड़े फैसले
अचंभा: नवजात बच्ची के गर्भ में पल रहे थे दो और जुड़वा बच्चे, सर्जरी कर निकाला
जल्द होंगे बड़े फैसले
प्रदेश भाजपा में बदलाव की बयार तेज हो चुकी है। जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर तस्वीर जल्द साफ होगी। कांग्रेस से आए नेताओं की ‘लॉटरी’ लगने की पूरी संभावना है, जिससे बीजेपी का अंदरूनी संतुलन भी मजबूत होगा।













Leave a Reply