शिंदे की नाराजगी की असली वजह पर इनसाइड स्टोरी
By MUMBAI BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December 02, 2024, 03:21 PM
- महायुति में तीनों पार्टी गृह मंत्रालय लेना चाहती हैं
- शिंदे ने अंतिम फैसले की मीटिंग निरस्त की
- आज भी नहीं हो सकता फैसला

Political drama in Maharashtra is at its peak: Eknath Shinde does not want to join the government if his demands are not met
मुंबई। महाराष्ट्र में पॉलिटिकल ड्रामा चरम पर पहुंच गया है। एकनाथ शिंदे की नाराजगी अब भी जारी है। आज मुंबई की महायुति की बैठक में 5 दिसंबर के शपथ-ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाना था। मगर वह मीटिंग फिर शिंदे ने टाल दी। हालांकि इसके पीछे उनकी बीमारी का कारण दिया गया। जबकि वह कल स्वास्थ्य होने की बात कह रहे थे। सूत्रों के अनुसार शिंदे ने बीजेपी आलाकमाल को साफ संदेश दिया है कि उनको या तो सीएम बनाया जाए या फिर गृह मंत्रालय सहित उन्हें जरूरी मंत्रालय दिए जाएं।
बीजेपी उनकी किसी सभी शर्तों को मनाने के लिए तैयार नहीं
एकनाथ शिंदे की मांगे नहीं मानने पर वह सरकार का हिस्सा ही नहीं बनना चाहते हैं। यह बात भी उन्होने साफ कर दी। हालांकि बीजेपी उनकी किसी सभी शर्तों को मनाने के लिए तैयार नहीं है और उन्हें सरकार में शामिल भी करना चाहती है। दूसरी तरफ इस मान मनौव्वल से परेशान होकर अजीत पवार दिल्ली रवाना हो गए हैं।
आखिर चाहते क्या हैं एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे कई बार ईशारों-ईशारों में खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार बता चुके हैं। उनका तर्क है कि जिस लाडली बहना योजना वे इतनी सीटें आई हैं वह योजना उन्होंने शुरू की थी। इसलिए जीत का श्रेय भी उनको जाता है। इसलिए सीएम के दावेदार भी वह खुद ही हैं।
दूसरी तरफ चुनाव भी उनकी अध्यक्षता में लड़ा गया। वह सीएम के रूप में सत्ता में स्थापित थे। उनकी कार्यशैली के कारण जनता ने सरकार की वापसी की। इसलिए भी उन्हें सीएम बनाया जाए। रविवार को अपने गांव में भी पत्रकारों से बात करने के दौरान उन्होंने इसी बात के संकेत दिए थे।
सीएम नहीं तो गृह विभाग सहित कई खास मांत्रालय चाहिए हैं
एकनाथ शिंदे को जब बीजेपी आलाकमान ने स्पष्ट कर दिया कि सीएम उनकी कही पार्टी का होगा और देवेंद्र फडणवीस सीएम चेहर होगा तो उन्होंने रूठकर ऐसी मांगे सामने रख दी जिन्हें मानना बीजेपी के बस में नहीं है। उन्होंने गृह, वित्त, नागरिय प्रशासन सहित करीब 12 प्रमुख मंत्रालय अपनी पार्टी के लिए मांगे हैं। ऐस में बीजेपी और अजीत पवार के पास कुछ भी खास विभाग नहीं रह जाएंगे। इसलिए यह बात वह मनाने को तैयार नहीं है।
शिंदे हमेशा से गृह विभाग चाहते रहे हैं
एकनाथ शिंदे के गृह विभाग को प्रेम अभी का नहीं है। जब वह उद्धव सीएम बने थे तब भी उन्हें गृह विभाग की आस थी मगर वह पूरी नहीं हुई और राकांपा के कोटे में यह मंत्रालय दे दिया गया। फिर जब वह खुद सीएम बने तब भी गृह मंत्रालय अपने पास रखना चाहते थे मगर इस विभाग को देवेंद्र फडणवीस को दे दिया गया। ऐसे में जब तीसरी बार फिर मौका मिला है तो न तो एकनाथ शिंदे सीएम बन रहे हैँ और न ही गृह विभाग ही उनको मिल रहा है। इसलिए वह बुरी तरह से नाराज हैं एकनाथ शिंदे।
आखिर गृह विभाग ही सभी को क्यों चाहिए
सीएम की कुर्सी के बाद गृह विभाग ही सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। जिसमें पूरी पुलिस का कंट्रोल संबंधित पार्टी का होता है। यही कारण है कि महायुति में तीनों ही दल इसको अपने पास रखना चाहे हैं। खासतौर से एकनाथ शिंदे बीजेपी का कहना है यदि 132 सीटें लाने के बाद भी गृह विभाग उन्हें नहीं मिलता तो अन्य विभागों का मतलब नहीं रह जाता।
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आखिर बीजेपी शिंदे को क्यों मनाना चाहती है
बीजेपी के पास खुद ही 132 सीटों का बहुमत है। अजीत गुट के साथ मिलकर वह आसानी से सरकार बना सकती है। इसमें एकनाथ शिंदे की जरूरत भी नहीं होगी। यदि ऐसा होता है तो पूरे महाराष्ट्र में गलत संदेश जाएगा। बीजेपी इससे बचना चाहती है। इस बार वह किसी भी तरह की रिस्क लेने के मूढ़ में नहीं है। पुरानी गलतियों से सबक लेकर वह कोई भी जल्दबाजी में कदम नहीं उठाना चाहती।
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