गोवंडी का हवा गुणवत्ता सूचकांक मुंबई में सबसे खराब
ARVIND JADHAV
Mumbai
Pollution increased in Mumbai like Delhi, Govandi is the most polluted

मुंबई : इस समय देश में प्रदूषण की चपेट में है। ऐसे में राजधानी दिल्ली के हवा का गुणवत्ता सूचकांक 381 तक पहुंचकर राजधानी खतरनाक स्थिति में दिख रही है जबकि, आज मुंबई शहर के गोवंडी का हवा गुणवत्ता सूचकांक 192 तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार 150 से 200 तक का सूचकांक सेहत पर काफी असरदार माना जाता है। गौरतलब है कि यह मौसम हर घंटे बदलाव होता है।
मंगलवार शाम यह सूचकांक 306 तक जा पहुंचा था। गोवंडी, जो पहले से ही प्रदूषित जानी जाती है अब खराब वायु गुणवत्ता के कारण बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। आए दिन नागरिकों को सांस की समस्या, गले में खराश,आंखों में जलन, बदन दर्द जैसे बीमारी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषित वातावरण अभी और कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है, इसलिए स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह खराब हवा रोग शक्ति कम प्रणाली के कारकों को ज्यादा प्रभावित करती है, इसलिए शिक्षा विभाग को इस बारे में सोचने की जरूरत है।
हर घंटे हो रहे है मौसम में बदलाव मंगलवार को रहा ज्यादा प्रदूषण
मौसम विभाग के अनुसार सूचकांक 0 से 50 को उत्कृष्ट वायु गुणवत्ता माना जाता है। लेकिन गोवंडी की वर्तमान वायु गुणवत्ता 192 है और यह सूचकांक अस्वस्थ माना जाता है। इसमें खराब हवा के कीटाणुओं के संपर्क में आने से नागरिकों का स्वास्थ्य आसानी से प्रभावित होता है। यदि स्वास्थ्य के प्रति पहले से बीमार या कमजोर व्यक्ति हैं तो यह खराब हवा गुणवत्ता ऐसे नागरिकों के लिए जानलेवा भी हो सकती है।
यह खबर भी पढ़ें
महायुति में शिंदे फूफा की स्थिति में: बीजेपी से कहा मांगे माने नहीं तो वह बाहर से ही समर्थन देंगे
ऐसी खराब हवा गुणवत्ता से निपटने के लिए एक सावधानता के रूप में सरकार की और से सूचना भी मौजूद है। इसमें कहा गया है कि ऐसे खराब मौसम में धूल और निर्माण मलबे के वाहतुक़ पर रोक लगाने की जरूरत है।
साथ ही बड़े वाहनों के डीजल प्रदूषण की जांच संबंधित परिवहन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा सख्ती से की जानी चाहिए। गोवंडी कचरा डिपो में मुंबई से हजारों गाड़ियाँ आती हैं वाहनों की स्थिति और लाए हुए कचरे की जाँच करना आवश्यक है।
क्या एस.एम.एस. कंपनी पर खराब मौसम के चलते कुछ समय तक रोक लगाई जाएगी ?

मुंबई का गोवंडी एशिया का सबसे बड़ा कचरा डिपो है और यहां एक एसएमएस प्लांट भी है जो जैव-चिकित्सा कचरे का निपटान करता है इसलिए गोवंडी प्रदूषण की चपेट में है। इन जैव चिकित्सा निपटान प्रक्रियाओं के दौरान वायुमंडल में बड़ी मात्रा में धुआं छोड़ा जाता है।
इस बारे में कई सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों ने हमेशा विरोध जताया है। अब पिछले हफ्ते से प्रदूषण का मुद्दा फिर से सामने आ गया है क्योंकि नागरिकों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि यहां पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव प्रदूषण के मुद्दे पर लड़े गए, सभी उम्मीदवारों ने गोवंडी को प्रदूषण मुक्त बनाने का भरोसा जताया था। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सभी उम्मीदवार गोवंडी के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए अब एकजुट होंगे ?











Leave a Reply