Prashant Kishor: अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर के खिलाफ FIR दर्ज
By PATANA BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December 02, 2025, 09:37 PM
FIR filed against Prashant Kishor who was on hunger strike, called Nitish an arrogant government

पटना। पटना के गांधी मैदान में आमरण-अनशन पर अड़े प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्हों बिना अनुमति के बैठने के मामले में ऐसा किया गया। जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांधी मैदान, पटना स्थित गांधी मूर्ति के समीप धरना देकर अमरण अनशन पर बैठे हैं। वे 5-सूत्री मांगों को अड़े हुए हैं।
इस कारण की एफआईआर
प्रशांत किशोर पर आरोप है कि वह गलत जगह बिना अनुमति के धरना पर बैठो थे। पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग तय है। सालों से से सभी राजनैतिक दल अपनी मांगों को लेकर उसी जगह पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करते हैं। लेकिन प्रशांत किशोर बिना अनुमति के ही धरना पर बैठ गए हैं जिसके कारण उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
एफआईआर के बाद नोटिस देकर जगह बदलने को कहा गया
पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नोटिस दिया है। जिसमें उन्हें कार्यक्रम को निर्धारित जगह गर्दनीबाग में स्थानांतरित करने को कहा जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशांत किशोर ने रखी 5 मांगें

- 70वीं BPSC परीक्षा में हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच और दोबारा परीक्षा कराई जाए
- 2015 में 7 निश्चय के तहत किए वादे के अनुसार 18 से 35 साल के हर बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए
- पिछले 10 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की जांच एवं दोषियों पर की गई कार्रवाई पर श्वेत पत्र जारी किया जाए
- लोकतंत्र की जननी बिहार को लाठीतंत्र बनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
- बिहार की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं की कम से कम दो तिहाई हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए डोमिसाइल नीति लागू की जाए
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प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा, छात्रों को अधिकारियों ने पीटा
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा कि यह बिहार की अहंकारी सरकार के खिलाफ है, जिसके नेता सीएम नीतीश कुमार ने छात्रों से तब भी मिलने पर विचार नहीं किया, जब छात्र आंदोलन वापस लेने पर सहमत हो गए थे। सीएम कहते हैं कि परीक्षाएं नहीं हो सकतीं। छात्रों को अधिकारियों ने पीटा। हम जैसे लोगों के लिए केवल एक ही रास्ता है, इसलिए मैं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहा हूं।















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