Arvind Jadhav
NewsFirst24.in
परभणी में संविधान छेडछाड मामले में मृत सोमनाथ सूर्यवंशी के घर जाकर करेंगे मुलाकात

मुंबई : हालही में महाराष्ट्र के परभणी जिले में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मूर्ति के पास संविधान की छेड़छाड़ के मामले से महाराष्ट्र की राजनीति के साथ सामाजिक माहौल भी काफी गरमाया गया है। कई नेताओं ने परभणी जाकर अपना विरोध जताया अब 23 तारीख सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी परभणी का दौरा कर रहे है वह मृतक सोमनाथ सूर्यवंशी के के घर जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
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परभणी में एक सिरफिरे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति के पास संविधान की छेड़छाड़ की थी तभी मौजूदा लोगों ने सरफिरे की धुनाई की थी साथ ही घटना के गंभीरता को देखते हुए सामाजिक संगठनों ने परभणी शहर बंद का ऐलान भी किया था। परभणी शहर बंद के चलते शहर में कई गाड़ियां साथी दुकानों की तोड़फोड़ की घटना को देखते हुए उग्र स्वरूप प्राप्त होने से पुलिस बल ने आंदोलनकर्ताओं पर लाठी चार्ज साथ ही सुरक्षा बल का उपयोग कर करीब 300 लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें 51 लोगों पर मुकदमा दायर कर उन्हें न्यायालय कस्टडी में रखा था इसमें मृतक सोमनाथ सूर्यवंशी भी शामिल था।

इस सप्ताह सोमनाथ सूर्यवंशी की जेल में हुई मृत्यु को लेकर महाराष्ट्र का सामाजिक माहौल काफी गरमाया जगह-जगह पर निषेध मोर्चे निकाले गए साथ ही इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा है। सड़क पर उतरे लोगों का आक्रोश विधानसभा तक पहुंच गया विधानसभा में विपक्ष में मुद्दे को लेकर सदन में खूब हंगामा किया इस घटना को जिम्मेदार दोषियों पर कड़क करवाई साथी पुलिस अधिकारों के निलंबन की मांग भी की। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जवाब देना पडा। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ सूर्यवंशी की मृत्यु की न्यायिक जांच करने का आश्वासन सदन को दिया साथ ही मृतक के परिजनों को मदत राशि भी देने का वादा किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णविस के खुलासे पर विपक्ष पार्टी ने मृतक सोमनाथ सूर्यवंशी की नैसर्गिक मृत्यु पर गंभीर आक्षेप लिया और उसकी मृत्यु पुलिस की मार से हुई हैं ऐसा आरोप सदन में लगाया है। ऐसे में एक बार राहुल गांधी के परभणी आने पर फिर से राजनीति गरमाने की संभावना जताई जा रही है। मृतक सोमनाथ सूर्यवंशी की मृत्यु को लेकर विपक्ष ने सदन में पहले से ही सरकार को गहरा है साथी इसके निषेध मोर्चा अभी भी महाराष्ट्र भर शुरू है इससे साफ है कि सरकार और मुख्यमंत्री की सफाई बाद भी सामाजिक रोष कायम है।











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