By धम्मशील सावंत, Newsfirst24.in
Published: December 20, 2025, 11:41 PM
एकनाथ शिंदे की शिवसेना को बड़ा झटका, प्रकाश देसाई ने छोड़ा पद।
Raigad Guardian Minister Controversy: Shiv Sena’s Prakash Desai resigns, order of appointing Guardian Minister put on hold

रायगढ़। जिले में अदिति तटकरे की पालक मंत्री पालकमंत्री नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उनके खिलाफ हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के चलते आपसी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। इसी के चलते शिवसेना के रायगढ़ जिला संपर्क प्रमुख प्रकाश देसाई के इस्तीफे ने सबको चौंका दिया है। दूसरी तरफ इस मामले में हो रहे विवाद के बाद तत्काल प्रभार से रायगढ़ के पालकमंत्री पद की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इसी तरह नासिक के पालक मंत्री की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।
महायुति की लड़ाई खुलकर सामने आई
महायुती के भीतर मची उथल-पुथल का असर अब शिवसेना पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शिवसेना, बीजेपी और मित्रपक्ष के गठबंधन के बीच, अजित पवार गुट की एनसीपी ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रकाश देसाई ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे और सचिव संजय मोरे को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि बढ़ते कामकाज और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के कारण वह पार्टी के प्रति अपना समय और ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
महायुति के भीतर समन्वय में समस्याएं बनी
यह खबर महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर चल रहे अंदरूनी तनाव और रस्साकशी को दर्शाती है। नासिक और रायगढ़ के पालक मंत्रियों की नियुक्तियों पर रोक लगने से यह स्पष्ट हो गया है कि महायुति के भीतर समन्वय में समस्याएं बनी हुई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा
प्रकाश देसाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की घोषणा की। देसाई ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं अपनी जिम्मेदारियों को समय और मेहनत के साथ निभाने में असमर्थ महसूस कर रहा हूं। इसलिए, पार्टी के हित में यह निर्णय लेना उचित समझा।”
शिंदे शिवसेना को झटका
देसाई के इस्तीफे को शिवसेना के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी में उनकी पहचान एक कुशल नेता के रूप में थी, जो संगठन को मजबूत करने और प्रभावी नेतृत्व के लिए जाने जाते थे।
देसाई की अगली भूमिका पर नजरें
अब सवाल यह है कि प्रकाश देसाई की अगली राजनीतिक भूमिका क्या होगी? क्या वह किसी अन्य दल से जुड़ेंगे या स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान बनाएंगे? इस पर पूरे रायगढ़ जिले की नजर टिकी हुई है।
क्या कहता है राजनीतिक परिदृश्य?

महायुती के भीतर बढ़ते टकराव और राजनीतिक गतिविधियों के बीच, यह घटना रायगढ़ जिले में सत्ता समीकरणों को बदल सकती है।
- नासिक और रायगढ़ के पालक मंत्रियों की नियुक्ति रद्द:
- गिरीश महाजन (नासिक) और अदिति तटकरे (रायगढ़) की पालक मंत्री नियुक्ति को 24 घंटे के अंदर ही रद्द कर दिया गया।
- इस फैसले से महायुति के नेताओं को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
- विरोध और असंतोष:
- रायगढ़ में भरत गोगावले के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और तटकरे की नियुक्ति को लेकर नाराजगी जताई।
- गोगावले के 38 समर्थकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना इस्तीफा भेज दिया।
- महायुति के अंदरूनी विवाद:
- शिवसेना, बीजेपी और राकांपा के बीच समन्वय में कमी स्पष्ट हो रही है।
- जलापूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल और रोजगार गारंटी मंत्री भरत गोगावले ने खुलेआम नाराजगी जाहिर की है।
- राजनीतिक परिदृश्य:
- महायुति सरकार ने हाल ही में सत्ता संभाली है, लेकिन बार-बार उभर रहे विवादों से उसकी छवि प्रभावित हो रही है।
- आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह घटनाएं महायुति के लिए एक चुनौती बन सकती हैं।
नेतृत्व को लेकर अब भी कई चुनौतियां
पालक मंत्री नियुक्तियों पर रोक लगाने का फैसला महायुति की सरकार में चल रहे आपसी मतभेदों का संकेत है। यह घटना बताती है कि गठबंधन के भीतर समन्वय और नेतृत्व को लेकर अब भी कई चुनौतियां मौजूद हैं।
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