By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in
Published: December11 , 2024, 02:05 PM
There is no objection to Mamata leading the India Block – Sanjay Raut
इंडिया ब्लॉक नेतृत्व में बदलाव की मांग जोर पकड़ने लगी

मुंबई: महाराष्ट्र और हरियाणा में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक की अप्रत्याशित हार के बाद घटक दलों में नेतृत्व परिवर्तन की मांग बढ़ती जा रही है। इसमें एनसीपी के शरद पवार, जनता दल के लालू प्रसाद यादव, शिव सेना के संजय राउत और चन्द्रशेखर आजाद के साथ खुद ममता बनर्जी ने इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने की इच्छा जताई है, जिससे देश में विपक्षी दल में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। एक तरफ इंडिया ब्लॉक के कुछ घटक दलों ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की है, लेकिन कुछ घटक दल मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बीजेपी को रोकने के लिए बनाया गया था इंडिया ब्लॉक

इंडिया ब्लॉक का गठन 2023 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर किया गया था, जिसकी अगुवाई ममता बनर्जी ने की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक ने अच्छा चुनाव प्रदर्शन किया। यहां तक कि जब राहुल गांधी इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व कर रहे थे, तब भी पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे में मतभेद थे और अन्य राज्य में आपसी विवाद का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा वरना नतीजा और बेहतर होता।
चर्चा हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा में हार से शुरू हुई
लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 में से 31 सीटें जीतकर इंडिया ब्लॉक ने महाराष्ट्र में सत्ता पाने का माहौल बना दिया था। हालाँकि, महाविकास आघाड़ी में चुनाव का सामना करने के कारण महाविकास आघाड़ी को विपक्षी दल के नेता का पद भी नहीं मिलने की शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
हरियाणा में अच्छा माहौल होने के बावजूद भी इंडिया ब्लॉक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा हार का खामियाजा अब आने वाले कुछ राज्यों के चुनावों में जैसी थी वैसी स्थिति न रह जाए, इसके लिए इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व बदलना होगा, ऐसा समझा जा रहा है।
शिवसेना उद्धव ठाकरे पार्टी ने भी की मांग
इंडिया ब्लॉक के महाविकास आघाड़ी के घटक दल शिवसेना उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने ममता दीदी के नेतृत्व का समर्थन किया है। राहुल गांधी भी एक महत्वपूर्ण नेता हैं लेकिन इंडिया ब्लॉक के हालात बदलना जरूरी है।
महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना उद्धव ठाकरे पार्टी की पहले से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग थी इसलिए वह दिल्ली सोनिया गांधी के पास भी गुहार लगाए हुए थे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को सिर्फ 20 सीटे मिली है।
यह खबर भी पढ़ें
मुंबई बेस्ट बस हादसा अपडेट: ड्राइवर पर हत्या का मामला दर्ज, पुलिस की जांच में हुए नए खुलासे
कांग्रेस नेताओं की भी अकेले दम पर लड़ने की भाषा
इंडिया ब्लॉक में चल रही विवादित चर्चा पर कांग्रेस पार्टी की भी नजर है लेकिन राहुल गांधी और अन्य नेता चुप्पी साधे हुए हैं। स राहुल गांधी ने कांग्रेस को मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी है। लेकिन बढ़ते विरोध से माना जा रहा है कि कांग्रेस भी अपनी साख बरकरार रखने के लिए अकेले दम पर लड़ने की भाषा कर रही है।
Connect YouTube channel











Leave a Reply