By Ramesh Solanki, Newsfirst24.in
Published: December 08, 2025, 10:22 PM

तेलंगाना। क्या वे इंसान नहीं हैं? मानवता भी दिन-ब-दिन जल रही है, कुछ मातृत्व पर दाग लगा रहे हैं, कुछ दया और दया को भूलकर क्रूरतापूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। हाल ही में मंगलवार शाम को तेलंगाना के पेद्दापल्ली में एक भयानक घटना घटी।
रेलवे स्टाफ ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो सूचना दी
पेद्दापल्ली में कूनाराम गेट के पास अज्ञात व्यक्तियों ने दो महीने के एक बच्चे को ट्रैक के बीच में छोड़ दिया। जब रेलवे स्टाफ ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। रामागुंडम रेलवे सीआई सुरेश गौड़ अपने स्टाफ के साथ आए और बच्चे को सरकारी अस्पताल ले गए और उसका इलाज किया। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति अच्छी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर की

रेलवे पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया है और घटना की जांच कर रही है. स्थानीय लोग पटरियों पर बच्चों को छोड़ने वालों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं.
वे अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि बच्चे को जन्म देने वाली मां भी अपने बच्चे को छोड़ने को तैयार हो गई.. यह इतना कठोर क्यों है.. जब स्थानीय लोग ऐसी घटनाएं देखते हैं तो उन्हें गुस्सा आता है कि ऐसे लोगों से तो जानवर ही अच्छे हैं…हालांकि, पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है.
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