NewsFirst24.in

खबर वही, जो छुपाई जा रही है

अजीत के साथ हैं शरद पवार, फिर एक होगी फैमली, प्रफुल्ल पटेल ने दिए संकेत

अजीत के साथ हैं शरद पवार, फिर एक होगी फैमली, प्रफुल्ल पटेल ने दिए संकेत

By Ravi Arya, Newsfirst24.in

Published: December 03, 2025, 03:59 PM

अजीत के साथ हैं शरद पवार, फिर एक होगी फैमली, प्रफुल्ल पटेल ने दिए संकेत

Sharad Pawar is with Ajit, the family will be united again, Praful Patel gave indications

गोंदिया। राजनीति में ना तो लंबे समय तक कोई दोस्त रहता है और ना ही दुश्मन? वक्त और हालात के हिसाब से राजनीति अपनी करवट बदलती है , महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना दो फाड़ हो गई और एनसीपी भी दो गुटों में बंट गई।
इन अलग हुए दलों ने विधानसभा चुनाव अपने बूते चुनाव लड़ा, शिवसेना से शिंदे गुट और एनसीपी से अजीत गुट को भारी जन समर्थन मिला लिहाज़ा उनकी सीटें बढ़ीं और शरद एनसीपी और उद्धव ठाकरे शिवसेना गुट को खामियाज़ा भुगतना पड़ा। शरद पवार ने एक बार फिर चाणक्य बुद्धि का कमाल दिखाते हुए रणनीति बनाई है, जिसमें वे बीजेपी के साथ तो नहीं बैठेंगे मगर अजीत पवार के साथ एक फैमली का व्यवहार ही अपनाएंगे। अजीत पवार फिर एक फैमली होने जा रही है।

शरद पवार और अजीत एक होंगे, सांसद प्रफुल्ल पटेल गोंदिया में दिए संकेत

अजीत के साथ हैं शरद पवार, फिर एक होगी फैमली, प्रफुल्ल पटेल ने दिए संकेतअब क्योंकि महाराष्ट्र के चुनाव खत्म हो चुके हैं और महायुति गठबंधन की सरकार स्थापित हो गई है। इसलिए फिर से एक बार दोनों एनसीपी के साथ आने की खबरें राजनीतिक गलियारों में गूंज रही है। राष्ट्रवादी के कद्दावर नेता और सांसद प्रफुल्ल पटेल गोंदिया पधारे तथा उन्होंने गुरुवार 2 जनवरी को आयोजित पत्र परिषद में पूछे गए सवालों का बेबाकी भरे अंदाज में जवाब दिया।

NewsFirst के सीनियर रिपोर्टर रवि आर्य ने प्रफुल्ल पटेल से पूछे सवाल  

सवाल: एनसीपी शरद गुट और एनसीपी अजीत गुट में वापस एक होने की क्या संभावनाएं बनी हुई है ?

जवाब: अजीत पवार की माताजी ने कल यह अपेक्षा रखी कि हमारे परिवार में सभी एक होने चाहिए।
हमारी पार्टी तो एनसीपी है और 2 ग्रुप है , अगर सब मिलकर साथ आ सकते हैं और पवार फैमिली एक में एक हो सकती है तो हमें खुशी होगी। हम सब तो वर्षों से साथ काम करते आए हैं खासकर मैं तो खुद को उनके परिवार का एक सदस्य मानता हूं और उनका परिवार अगर एक हो सकता है और साथ मिलकर पार्टी का काम करें तो इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या होगी। लोकल इलेक्शन में गठबंधन में होती है मुश्किल

सवाल: तीन दलों ने साथ मिलकर यह महायुति गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा और अच्छा रिजल्ट भी आया है, क्या यह गठबंधन आने वाले नगरपालिका , महानगर पालिका निकाय चुनावों में भी कायम रहेगा ?

जवाब: प्रफुल्ल पटेल : महाराष्ट्र की जनता ने एक बहुत अच्छे जन समर्थन के साथ भारी मतों से महायुति की सरकार की स्थापना की है फिर भी इतना जरूर कहूंगा बड़े लोकसभा और विधानसभा चुनाव में तो बड़े आसानी से गठबंधन संभव हो जाता है लेकिन जहां छोटे चुनाव आते हैं वहां पर स्थानिक परिस्थितियां देखी जाती है। हम जहां-जहां बेहतर तालमेल बिठा सकते हैं , तो वहां गठबंधन की कोशिश करेंगे जहां नहीं होगा और उसमें लड़ाई एक दूसरे के आमने-सामने की भी होती है तो भी हम एक दूसरे से बेहतर समन्वय बनाने का काम करेंगे।

सवाल: महाराष्ट्र में अभी जो कैबिनेट का गठन हुआ उसे ढाई साल का कार्यकाल बताया जा रहा है तो क्या ऐसे में जब कैबिनेट विस्तार होगा तो गोंदिया जिले से किसी स्थानीय विधायक या एनसीपी विधायक को मंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व मिलेगा ?

जवाब: आप ढाई साल बाद का प्रश्न आज पूछ रहे हैं , उस वक्त जैसी राजनीतिक परिस्थितियां रहेंगी वैसा समाधान खोजा जाएगा।

सवाल: गोंदिया का पालक मंत्री कौन बनेगा?

जवाब: मैं सरकार में नहीं हूं इस विषय पर आज चर्चा करना उचित नहीं।

सवाल: देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ पवन सिन्हा ने  गोंदिया में कहा था 2026 में प्रधानमंत्री बदलेंगे लेकिन छाप मोदीजी की रहेगी यह क्लियर है एकदम । आप इस पर  क्या सोचते हैं?

जवाब:  प्रफुल्ल पटेल : जिनके बारे में आपने नाम लिया मैंने उनका नाम भी नहीं सुना और हमारे गोंदिया में दो-चार सौ तो भविष्यवक्ता है और देशभर में चार-पांच लाख तो होंगे ही ? इसलिए सबकी अलग-अलग भविष्यवाणियों पर मैं अपना क्या मत व्यक्त करूं ?

सवाल: सत्ता अंक गणित का खेल है भाजपा के पास 241 है और जादूई आंकड़ा 272 का है तो ऐसे में क्या लगता है दिल्ली- बिहार चुनाव पश्चात क्या केंद्र में सत्ता परिवर्तन होगा ?

जवाब:  मोदीजी के नेतृत्व में एनडीए एक सशक्त रूप में काम कर रहा है कहीं कोई नाराजगी नहीं है और पूरे समन्वय के साथ काम चल रहा है और उसी तरह से नीतीश कुमार भी आने वाले बिहार चुनाव में शानदार विजय प्राप्त करते दिखेंगे।

यह खबर भी पढ़ें

कश्मीर का नाम बदलने की तैयारी, कश्यप हो सकता है

Prashant Kishor: अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर के खिलाफ FIR दर्ज, नितीश को अहंकारी सरकार कहा

महाराष्ट्र में आधार की तरह यूनिक आईडी बनेगा

सवाल:  क्या दिल्ली चुनावी माहौल एनसीपी कैंडिडेट उतारेगी? 

जवाब:   नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में 6% से अधिक वोट दर होने पर हमें मान्यता मिल रही है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अपनी राष्ट्रीय मान्यता को प्राप्त करने के लिए जहां-जहां हमारी इकाईयां है वहां अच्छे काम करने वाले कार्यकर्ताओं को मौका जरूर मिलना चाहिए इसी उद्देश्य से हमने कैंडिडेट उतारे हैं और कई राज्यों में हमारे लोग जीतकर भी आते हैं ।

Connect YouTube channel

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *