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तेलंगाना एमएलसी चुनावों में भाजपा की जीत से बदला राज्य का राजनीतिक परिदृश्य

तेलंगाना एमएलसी चुनावों में भाजपा की जीत से बदला राज्य का राजनीतिक परिदृश्य

By Ramesh Solanki, Newsfirst24.in

Published: march 06, 2025, 08:07 PM

हैदराबाद: तेलंगाना में एमएलसी चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत ने राज्य के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। तीन में से दो सीटों पर भगवा परचम लहराकर भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस जीत के साथ ही पार्टी ने राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है।

विधान परिषद में बढ़ी भाजपा की ताकत

तेलंगाना में अब भाजपा के पास 8 विधायक, 8 सांसद, 2 राज्यसभा सदस्य और 3 एमएलसी हो गए हैं। इनमें से 2 सांसद केंद्र में मंत्री भी हैं। यह राज्य में भाजपा के अब तक के सबसे मजबूत राजनीतिक क्षणों में से एक है। विधानसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता न मिलने के बावजूद भाजपा ने अपने वोट प्रतिशत को दोगुना कर 8 लोकसभा सीटें जीतकर वापसी की थी। अब एमएलसी चुनाव में भी मिली सफलता ने पार्टी को नई ऊर्जा दी है।

भाजपा की बढ़ती पकड़ और कांग्रेस पर हमला

भाजपा अब तेलंगाना में हर मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। पार्टी ने मूसी परियोजना की अनदेखी, बीआरएस सरकार के भ्रष्टाचार, छह गारंटियों के वादों को लागू न करने और किसान मुद्दों को लेकर कांग्रेस के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर जनता ने केसीआर की सरकार को 10 साल बाद खारिज किया, तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का केवल 14 महीनों में इतना विरोध क्यों हो रहा है? भाजपा इसी मुद्दे को भुनाकर कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को हराकर भाजपा ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी का एकमात्र मजबूत विकल्प बन रही है।

बीआरएस को कमजोर कर अपना आधार बढ़ाने की तैयारी

भाजपा सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि बीआरएस को भी कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी चाहती है कि बीआरएस का परंपरागत वोट बैंक भाजपा की ओर शिफ्ट हो। बीआरएस ने मांग की है कि दल बदलने वाले विधायकों की सीटों पर उपचुनाव कराए जाएं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि ये विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

डबल इंजन सरकार की ओर जनता का झुकाव?

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की अगुवाई में भाजपा राज्य में डबल इंजन सरकार की धारणा को मजबूत करने में लगी है। पार्टी ने सात सामान्य जिलों में से तीन एमएलसी सीटों में से दो पर कब्जा जमाया। भाजपा नेताओं को भरोसा है कि इसी रफ्तार से पार्टी आगे बढ़ी तो राज्य में अगली बार वह बहुमत हासिल कर सत्ता में आएगी।

आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर

भाजपा ने सामाजिक समूहों के बीच पकड़ मजबूत करने की योजना भी बनाई है। अनुसूचित जाति समुदाय तक पहुंचने के लिए मंडा कृष्णा मडिगा, पिछड़े समुदायों को साधने के लिए आर. कृष्णैया को राज्यसभा सीट देने की रणनीति पर काम चल रहा है।

राज्य में भाजपा का भविष्य
तेलंगाना भाजपा अब 8 विधायकों, 8 सांसदों और 3 एमएलसी के दम पर कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि यदि स्थानीय निकाय चुनावों में उसकी जीत का सिलसिला जारी रहता है, तो वह अगला पड़ाव विधानसभा चुनावों में सरकार बनाना बनाएगी। भाजपा नेताओं को विश्वास है कि तेलंगाना की जनता कांग्रेस और बीआरएस से निराश हो चुकी है और भगवा दल को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हो रही है।

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