By संदेश कान्हू, Newsfirst24.in
Published: march 12, 2025, 02:51PM
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई, पुलिस की छवि पर फिर लगा दाग
यवतमाल: जिले के दिग्रस पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) नारायण धोंडाबाजी लोंढे (54) और पुलिस कांस्टेबल दिलीप प्रह्लाद राठौड़ (41) को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, यवतमाल द्वारा मंगलवार (11 मार्च) को की गई।
पीड़ित ने की थी ACB से शिकायत
एक 55 वर्षीय व्यक्ति ने 11 मार्च को ACB यवतमाल को लिखित शिकायत दी थी कि PSI नारायण लोंढे उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलते ही ACB ने पैनल के सामने इसकी सत्यता की जांच की।
इस दौरान PSI लोंढे ने ₹5,000 की रिश्वत मांगी, लेकिन बातचीत के बाद ₹2,000 में सौदा तय हुआ।
ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
ACB की टीम ने पूरी योजना के तहत पुलिस स्टेशन दिग्रस में जाल बिछाया। जब शिकायतकर्ता ने PSI लोंढे को ₹2,000 की रिश्वत दी, तो उन्होंने यह रकम कांस्टेबल दिलीप राठौड़ को थमा दी। इसी दौरान ACB टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपियों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
घटना के तुरंत बाद दिग्रस पुलिस स्टेशन में विस्तृत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के पुलिस निरीक्षक मनोज ओरके कर रहे हैं।
पुलिस महकमे पर फिर लगा दाग
इस कार्रवाई से पुलिस विभाग की छवि पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता की सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी संभालने वाले खुद कानून तोड़ते हुए पकड़े जाने से लोगों में आक्रोश है।
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ACB की कार्रवाई से लोगों में उम्मीद
हालांकि, ACB की त्वरित कार्रवाई से जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ भरोसा मजबूत हुआ है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और आरोपियों को क्या सजा मिलती है।











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