By Delhi BUREAU, Newsfirst24.in
Published: December 12 , 2024, 05:37 PM

दिल्ली। देश में मंदिर-मस्जिद विवादों पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अदालतों से कहा है कि वे मंदिर मस्जिद विवाद में न तो फिलहाल कोई फैसला सुनाएं और नही किसी तरह के सर्वे के आदेश दें। मौजूदा समय में इस मामले में हो रहे विवादों के कारण SC ने यह आदेश सुनाते हुए सरकार से 4 सप्ताह में इस तरह की याचिकाओं पर अपना जवाब देने का कहा है।
सभी अदालतें अपने हाथ रोक लें
सुप्रीम कोर्ट की 3 मेंबर वाली बेंच प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट (विशेष प्रावधानों) 1991 की कुछ धाराओं की वैधता पर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी। एक्ट के खिलाफ CPI-M, इंडियन मुस्लिम लीग, NCP शरद पवार, राजद एमपी मनोज कुमार झा समेत 6 पार्टियों ने याचिका लगाई है। बेंच ने कहा, “हम इस कानून के दायरे, उसकी शक्तियों और ढांचे को जांच रहे हैं। ऐसे में यही उचित होगा कि बाकी सभी अदालतें अपने हाथ रोक लें।”
अदालत को बताया गया देश में मंदिर-मस्जिद मामले के 18 से ज्यादा मामले लंबित

सुनवाई के दौरान CJI संजीव खन्ना ने कहा- हमारे सामने 2 मामले हैं, मथुरा की शादी ईदगाह और वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद। तभी अदालत को बताया गया कि देश में ऐसे 18 से ज्यादा मामले लंबित हैं। इनमें से 10 मस्जिदों से जुड़े हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से याचिकाओं पर 4 हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा।
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जब तक केंद्र जवाब नहीं दाखिल करता है हम सुनवाई नहीं कर सकते
CJI संजीव खन्ना ने कहा- जब तक केंद्र जवाब नहीं दाखिल करता है हम सुनवाई नहीं कर सकते। हमारे अगले आदेश तक ऐसा कोई नया केस दाखिल ना किया जाए।















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