वाळुज महानगर: सिडको प्रशासन द्वारा दो साल पहले नागरिकों को लिखित आश्वासन देने के बावजूद उनकी 14 मूलभूत मांगों का समाधान नहीं किया गया है। इस उपेक्षा के विरोध में वाळुज महानगर के नागरिकों ने बुधवार को थाली नाद आंदोलन करते हुए प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। नागरिकों और महिलाओं ने मिलकर यह संकल्प लिया कि जब तक प्रशासन के अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से आकर बातचीत नहीं करते और समाधान नहीं निकालते, तब तक सिडको वाळुज महानगर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
प्रशासन वसूली में सक्रिय, लेकिन सुविधाओं पर चुप्पी क्यों?
नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन कर वसूलने में किसी भी तरह की देरी नहीं करता, लेकिन जब बुनियादी सुविधाओं की बात आती है तो उनकी सुनवाई तक नहीं होती। नागरिकों का कहना है कि 14 मांगों में से कुछ बेहद जरूरी मुद्दे हैं, जिन्हें तुरंत हल किया जाना चाहिए। अन्यथा, आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
नागरिकों का आक्रोश – शिवसेना ने जताई नाराजगी
शिवसेना उपशहर प्रमुख दत्तात्रेय वरपे और अनिता पाटील दहारिया ने हमारे प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासन का रवैया बेहद लापरवाह है। नागरिक दो साल से इन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। इसके चलते मजबूरन नागरिकों को बार-बार आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।
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आठ दिन पहले किया गया था ‘पत्र का वर्ष श्राद्ध आंदोलन’
गौरतलब है कि आठ दिन पहले ही सिडको के पत्र का वर्ष श्राद्ध आंदोलन किया गया था, जिसकी अगुवाई दत्तात्रेय वरपे ने की थी। उस आंदोलन का भी कोई असर प्रशासन पर नहीं पड़ा, जिसके चलते अब नागरिकों को फिर से विरोध प्रदर्शन करना पड़ा है।
नागरिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे और तेज किया जाएगा।











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