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वाशिम के श्मशान में अनूठा होलिकोत्सव, समाज को दिया स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश

वाशिम के श्मशान में अनूठा होलिकोत्सव, समाज को दिया स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश

वाशिम के श्मशान में अनूठा होलिकोत्सव, समाज को दिया स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश

जिला संवाददाता: विनोद तायडे, वाशिम

वाशिम के श्मशान में अनूठा होलिकोत्सव, समाज को दिया स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेशवाशिम शहर में बीते 19 वर्षों से अनूठे तरीके से होली का उत्सव मनाया जा रहा है। जहां आमतौर पर लोग रंगों से होली खेलते हैं, वहीं वाशिम के पद्मतीर्थ मोक्षधाम श्मशान घाट पर स्मरण होलिकोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी “संकल्प मल्टीपरपज फाउंडेशन” के तत्वावधान में 13 मार्च 2025, गुरुवार को दोपहर में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

स्वच्छता और सामाजिक सुधार का संदेश

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे श्मशान क्षेत्र की सफाई की। इसके बाद शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, प्लास्टिक कैरी बैग और गाजर घास की होली जलाकर स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का योगदान

कार्यक्रम का आयोजन संकल्प मल्टीपरपज फाउंडेशन के अध्यक्ष सुशील भीमजियानी द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में सहयोग देने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में संगीता वसंत इंगोले, स्नेहल घराड, सुरेश टेकाले, राजू ढोंगड़े, प्रवीण इंगोले, दिनेश भानुशाली, शंकरराव देशमुख, रूपाली देशमुख, वृषाली टेकाले, संध्या सभादिंडे, मेघा दलवी, श्रुति खंडालकर, अश्विनी खोडके, ज्ञानेश्वरी काकड़, दिव्यश्री टेकाले, हर्षवर्द्धन टेकाले, त्रंबक धावले, सखाराम भाडके, पवन विभुते, रवि हजारे, विष्णु इंगले सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत कर इसे सफल बनाया।

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समाज के लिए प्रेरणादायी पहल

श्मशान घाट में होलिकोत्सव मनाने की यह पहल केवल रंगों का त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक गहरा संदेश भी देती है। नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की इस अनूठी परंपरा को हर साल बढ़ता समर्थन मिल रहा है।

यह पहल पूरे समाज को यह प्रेरणा देती है कि उत्सव केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी माध्यम हो सकते हैं।

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