By वसीम शेख अनवर, Newsfirst24.in
Published: February, 2025, 04:47 PM
The holy month of Ramadan will start from Sunday, official announcement made after moon sighting across the country
बुलढाणा। इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण माने जाने वाले रमजान के महीने की शुरुआत कल यानी रविवार से हो रही है। शनिवार शाम देशभर में चाँद नजर आने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय में इबादत, रोजे और दुआओं का यह पाक महीना शुरू हो जाएगा।
देशभर में चाँद दिखने के बाद हुई रमजान की घोषणा
शनिवार की शाम लगभग 7 बजे देश के विभिन्न हिस्सों में चाँद दिखाई दिया। इसके बाद धार्मिक गुरुओं और चाँद कमेटियों ने रमजान की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की। भारत में इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान चाँद दिखने के बाद ही शुरू होता है, इसी परंपरा के तहत रविवार को पहला रोजा रखा जाएगा।
इस्लामिक देशों में रमजान का महीना चाँद दिखने पर शुरू होता है, इसलिए अलग-अलग देशों में इसका आगाज अलग दिनों पर होता है। सऊदी अरब और अन्य अरब देशों में शुक्रवार को चाँद नजर आने के कारण वहाँ शनिवार से रमजान शुरू हो गया, जबकि भारत में चाँद शनिवार को दिखा, इसलिए यहाँ रमजान रविवार से शुरू होगा।
रमजान का महत्व और धार्मिक परंपराएँ
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है और इसे विशेष रूप से इबादत, संयम और आत्मशुद्धि का महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग सुबह से लेकर सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं। रोजे के दौरान झूठ, गुस्सा, बुरे विचार और बुरी आदतों से दूर रहने की हिदायत दी जाती है।
रमजान के दौरान पाँच वक्त की नमाज के साथ-साथ विशेष तरावीह की नमाज भी पढ़ी जाती है। इसके अलावा इस महीने में जकात (दान) देने और गरीबों की मदद करने का भी विशेष महत्व होता है।
मस्जिदों में होंगे विशेष आयोजन
रमजान के अवसर पर देशभर की मस्जिदों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। रात में तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी, जिसमें लोग बड़ी संख्या में शरीक होंगे। इसके अलावा सहरी (सुबह रोजा शुरू करने का वक्त) और इफ्तार (शाम को रोजा खोलने का वक्त) के दौरान विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं।
इस पवित्र महीने में धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाओं के इंतजाम किए गए हैं।
रमजान में बढ़ती है धार्मिक और सामाजिक एकजुटता
रमजान का महीना सिर्फ इबादत का ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और भाईचारे का भी प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोग जरूरतमंदों को खाना खिलाने, अनाज और अन्य जरूरी सामान बाँटने के लिए आगे आते हैं। मस्जिदों और धार्मिक संगठनों की ओर से भी बड़े पैमाने पर इफ्तार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें हर धर्म और समुदाय के लोग शामिल होकर भाईचारे का संदेश देते हैं।
प्रशासन की ओर से किए गए विशेष इंतजाम
रमजान के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने, मस्जिदों में अधिक संख्या में लोगों के आने और ट्रैफिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस और ट्रैफिक विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इसके अलावा नगर निगम और स्वच्छता विभाग की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई सुनिश्चित की जा सके।
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ईद के चाँद का इंतजार रहेगा खास
रमजान 29 या 30 दिनों का होता है और इसकी समाप्ति ईद-उल-फितर के साथ होती है। ईद का दिन रमजान के बाद पहला ऐसा दिन होता है, जब मुस्लिम समाज के लोग रोजा नहीं रखते और एक-दूसरे को ईद की बधाइयाँ देते हैं।
अब जब रमजान की शुरुआत हो गई है, तो सभी को ईद के चाँद का बेसब्री से इंतजार रहेगा, जिसके साथ इस पवित्र महीने का समापन होगा और खुशियों का त्योहार मनाया जाएगा।











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