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नौसेना में शामिल हो रहे हैं तीन लडाकू युद्धपोत, जो भारत को वैश्विकस्तर पर सक्षम बनाएंगे

समुद्र में लंबे समय तक रह सकता है आईएनएस नीलगिरी आईएनएस नीलगिरी 17ए स्टील्थ फ्रिगेट प्रोजेक्ट का पहला जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। इसे बढ़ी हुई क्षमता, समुद्र में लंबे समय तक रहने व स्टील्थयुक्त उन्नत सुविधाओं के साथ नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी फ्रिगेट की अगली पीढ़ी को दर्शाता है। दुनिया के विध्वंसक जहाजों में शुमार आईएनएस सूरत आईएनएस सूरत 15बी श्रेणी के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर प्रोजेक्ट का चौथा और अंतिम जहाज है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसक जहाजों में शुमार है। इसमें 75 फीसदी स्वदेशी सामग्री है, जो अत्याधुनिक हथियार, सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है। फ्रांसीसी नौसेना के सहयोग से वाघशीर का निर्माण आईएनएस वाघशीर पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी है। आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जनवरी को महाराष्ट्र के दौरे पर

नौसेना के तीन लड़ाकू जहाज को करेंगे राष्ट्र को समर्पित

By Arvind Jadhav, Newsfirst24.in

Published: December 14, 2025, 09:12 PM

मुंबई : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुंबई और नवी मुंबई के दौरे पर आ रहे हैं। इसमें वह नौसेना के तीन तीन नए युद्धपोत को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला इस्कॉन सोसायटी के नवी मुंबई खारघर स्थित नए मंदिर का उद्घाटन करेंगे। नौसेना की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के तीन प्रमुख लड़ाकु नौसेना जहाज आईएनएस सूरत आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

समुद्र में लंबे समय तक रह सकता है आईएनएस नीलगिरी

 नौसेना में शामिल हो रहे हैं तीन लडाकू युद्धपोत, जो भारत को वैश्विकस्तर पर सक्षम बनाएंगे

आईएनएस नीलगिरी 17ए स्टील्थ फ्रिगेट प्रोजेक्ट का पहला जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। इसे बढ़ी हुई क्षमता, समुद्र में लंबे समय तक रहने व स्टील्थयुक्त उन्नत सुविधाओं के साथ नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी फ्रिगेट की अगली पीढ़ी को दर्शाता है।

दुनिया के विध्वंसक जहाजों में शुमार आईएनएस सूरत

 नौसेना में शामिल हो रहे हैं तीन लडाकू युद्धपोत, जो भारत को वैश्विकस्तर पर सक्षम बनाएंगे

आईएनएस सूरत 15बी श्रेणी के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर प्रोजेक्ट का चौथा और अंतिम जहाज है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसक जहाजों में शुमार है। इसमें 75 फीसदी स्वदेशी सामग्री है, जो अत्याधुनिक हथियार, सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है।

फ्रांसीसी नौसेना के सहयोग से वाघशीर का निर्माण

समुद्र में लंबे समय तक रह सकता है आईएनएस नीलगिरी
आईएनएस नीलगिरी 17ए स्टील्थ फ्रिगेट प्रोजेक्ट का पहला जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। इसे बढ़ी हुई क्षमता, समुद्र में लंबे समय तक रहने व स्टील्थयुक्त उन्नत सुविधाओं के साथ नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी फ्रिगेट की अगली पीढ़ी को दर्शाता है।
दुनिया के विध्वंसक जहाजों में शुमार आईएनएस सूरत
आईएनएस सूरत 15बी श्रेणी के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर प्रोजेक्ट का चौथा और अंतिम जहाज है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसक जहाजों में शुमार है। इसमें 75 फीसदी स्वदेशी सामग्री है, जो अत्याधुनिक हथियार, सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है।
फ्रांसीसी नौसेना के सहयोग से वाघशीर का निर्माण
आईएनएस वाघशीर पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी है। आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से किया गया है।

आईएनएस वाघशीर पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी है। आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से किया गया है।

9 एकड़ में किया गया मंदिर का निर्माण

नवी मुंबई इस्कॉन के नए मंदिर के लोकार्पण समारोह की तैयारी अंतिम स्वरूप में आ गई है इस समारोह के लिए विश्व से 80 धार्मिक विशेषज्ञ साथी 300 से ज्यादा मेहमान आए हुए हैं। इस मंदिर का निर्माण 9 एकड़ जगह पर किया गया है जिस पर बड़े पैमाने पर हरियाली का निर्माण किया गया है इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसमें पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा इसमें हर धार्मिक रुचि वाला भक्त हिस्सा ले सकता है। इस में कई प्रकार के विभिन्न स्थान है इसका उदघाटन पंतप्रधान नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाने वाला है।

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मंदिर अध्यक्ष का बड़ी तादात में सहभाग लेने की अपील

समुद्र में लंबे समय तक रह सकता है आईएनएस नीलगिरी
आईएनएस नीलगिरी 17ए स्टील्थ फ्रिगेट प्रोजेक्ट का पहला जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। इसे बढ़ी हुई क्षमता, समुद्र में लंबे समय तक रहने व स्टील्थयुक्त उन्नत सुविधाओं के साथ नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी फ्रिगेट की अगली पीढ़ी को दर्शाता है।
दुनिया के विध्वंसक जहाजों में शुमार आईएनएस सूरत
आईएनएस सूरत 15बी श्रेणी के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर प्रोजेक्ट का चौथा और अंतिम जहाज है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसक जहाजों में शुमार है। इसमें 75 फीसदी स्वदेशी सामग्री है, जो अत्याधुनिक हथियार, सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है।
फ्रांसीसी नौसेना के सहयोग से वाघशीर का निर्माण
आईएनएस वाघशीर पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी है। आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से किया गया है।

इस मंदिर का उद्घाटन समारोह 9 से 15 जनवरी तक बड़े पैमाने पर शुरू है इसमें कई प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है मंदिर में हर दिन 100 ब्राह्मण द्वारा यज्ञ किया जाता हैं और 1700 स्वयंसेवक समारोह की तैयारी में जुटे हैं।

मंदिर में रात 10 बजे तक 3 बार 70 हजार भक्तों प्रसाद दिया जाता है इस मंदिर में आने से सभी तरह के मानसिक स्थिति को ऊर्जा मिलती है इसके अलावा भक्तों को योगा, ग्रंथ पाठों से भी अवगत किया जाता है इस मंदिर का निर्माण पर्यावरण के साथ मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता हैं ऐसा मंदिर के अध्यक्ष डॉ.सुरदास ने कहा साथ ही इस समारोह में बड़ी संख्या में शामिल होने

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