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Uddhav Thackeray Change Symbol: उद्धव ठाकरे गुट के चुनाव चिन्ह को आइसक्रीम कोन कहा तो चुनाव के पहले बदला चिन्ह

  1. पहले भी मशाल था मगर वह ठीक से दिख नहीं रहा था

  2. अब नए बदला कर वही चिन्ह मशाल की तरह दिखने लगा

  3. कसभा चुनाव में कई बार विरोधियों ने इस पर निशाना साधा था

    दरअसल, उनके पुराने  मशाल चिन्ह को विरोधियों ने आईस्क्रीम कोन कहकर मजाक उड़ाया था। यह बात उद्धव ठाकरे को इतनी चुभी कि उन्होंने चिन्ह ही बदल दिया। अब नया चिन्ह मशाल की तरह दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं नया मशाल चुनाव चिन्ह दिखाई देगा।

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। इसके बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने अपना चुनाव चिन्ह बदल दिया है। नया चिन्ह गुट को अलाट हो चुका है। जो ईवीएम पर दिखाई देगा।

    लोकसभा चुनाव बना था मजाक

    कुछ माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट के चुनाव चिह्न मशाल को आइसक्रीम कोन होने की बात उठाकर मजाक बनाया गया था। यह मजाक उद्धव और उनके सहयोगियों को लगातर चुभ रहा था। इसी कारण से विधानसभा चुनाव होने के ठीक पहले चिन्ह बदला गया।

    अब पूरी तरह मशाल की तरह दिख रहा है चिन्ह पार्टी को अब जो चुनाव चिन्ह मिला हो वह पूरी तरह से मशाल नजर आता है। इसका प्रचार-प्रसार पार्टी की तरफ से किया जा रहा है।

    पार्टी में फूट के कारण छिन गया था चुनाव चिन्ह

    उद्धव और शिंदे के बीच हुए पार्टी पर अधिकार के कारण पहले से शिवसेना के पुराने चिन्ह पर चुनाव अयोग ने रोक लगा दी थी। चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को मशाल और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को चुनाव चिन्ह के रूप में दो तलवारें और ढालें दी थीं।

    1985 से अब तक शिवसेना में कितने चिन्ह बदले

    बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना के स्थापना के समय 1985 में चुनाव चिन्ह ‘जलती मशाल’ का उपयोग चुनाव लड़ा था। इसमें सफलता भी पाई थी। अपनी स्थापना के बाद से ही शिवसेना कई चिन्ह पर चुनाव लड़ती आई है। इसमें एक रेल इंजन, ताड़ के पेड़ों का एक जोड़ा, एक तलवार और एक ढाल शामिल है। 1989 में शिवसेना के चार सांसद धनुष-बाण चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे थे।

     

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