By धम्मशील सावंत, Newsfirst24.in
Published: march 12, 2025, 07:41 PM
रोहा: रायगढ़ जिले के 26 गांवों की महिलाएं पीने के पानी की भारी किल्लत से जूझ रही हैं। जल संकट के कारण गुस्साई महिलाओं ने तहसील कार्यालय पर विशाल मार्च निकालकर प्रशासन को चेतावनी दी है। महिलाओं का कहना है कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
14 वर्षों से पानी के लिए तरस रहे गांव
कुंडलिका नदी के किनारे बसे इन 26 गांवों में पानी की भीषण समस्या है। पाइप जलापूर्ति योजना लागू होने के बावजूद पानी नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि जल आपूर्ति लाइन से जगह-जगह पानी चोरी हो रहा है। नतीजतन, ये गांव पिछले 14 सालों से पानी से वंचित हैं।
प्रदूषित पानी और प्रशासन की अनदेखी
गांव वालों का आरोप है कि रोहा एमआईडीसी से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्टों के कारण कुंडलिका नदी का पानी प्रदूषित हो गया है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मदद से जल आपूर्ति योजना शुरू की गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण यह योजना पूरी तरह विफल हो गई।
गुस्साई महिलाओं का प्रशासन को सवाल
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन से जवाब मांगा है:
- करोड़ों रुपये का फंड कहां जा रहा है?
- बार-बार शिकायतों के बावजूद समाधान क्यों नहीं हुआ?
- पानी का संकट कब तक बना रहेगा?
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“हमें पानी चाहिए या फिर ठोस हल!”
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा। “हम पानी से वंचित रहे, इसका जिम्मेदार कौन?” – इस सवाल के साथ प्रदर्शनकारी महिलाओं ने तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
“हमारी लड़ाई जारी रहेगी, जब तक हमें पानी नहीं मिलता!” – यह कहते हुए महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगी।











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