NewsFirst24.in

खबर वही, जो छुपाई जा रही है

विदर्भ के विकास के लिए व्यापक नीति की जरूरत: डॉ. परिणय फुके

विदर्भ के विकास के लिए व्यापक नीति की जरूरत: डॉ. परिणय फुके

By रवि आर्य, Newsfirst24.in

Published: march 07, 2025, 04:33 PM

विदर्भ के विकास के लिए व्यापक नीति की जरूरत: डॉ. परिणय फुकेगोंदिया: महाराष्ट्र विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधायक डॉ. परिणय फुके ने विदर्भ के विकास को गति देने के लिए व्यापक नीति लागू करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने औद्योगिक निवेश, सिंचाई, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया।

15.72 लाख करोड़ का निवेश, 1.5 लाख नौकरियां

डॉ. फुके ने बताया कि स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर महाराष्ट्र सरकार ने 15.72 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे और महाराष्ट्र एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक गंतव्य बनेगा।

औद्योगिक विस्तार और एमआईडीसी भूखंडों का पुनर्गठन

  • औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 3,500 एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए वितरित की जा रही है।
  • गोंदिया और भंडारा जिलों में एमआईडीसी के विस्तार की जरूरत है।
  • गढ़चिरौली में लोहा व इस्पात उद्योग के लिए 10,000 एकड़ भूमि अधिसूचित करना सही कदम है।
  • जो औद्योगिक प्लॉट अप्रयुक्त पड़े हैं, उन्हें समय सीमा में उपयोग करने का नियम लागू किया जाए।

कपड़ा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

  • भंडारा-गोंदिया में रेशम बाजार स्थापित करने की मांग।
  • एनसीएलटी के तहत बंद पड़ी कपड़ा मिलों को पुनर्जीवित करने पर जोर।
  • कपड़ा उद्योग को मेगा प्रोजेक्ट का दर्जा दिया जाए।

सिंचाई और कृषि सुधार

  • किसानों के लिए मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत।
  • गोसेखुर्द, बावनथड़ी, चुलबांध, नवेगांव बांध और पुजारी दोह जैसी जल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

यह खबर भी पढ़ें

प्रतिष्ठित स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र का यौन उत्पीड़न, स्कूल सेवक गिरफ्तार

गोंदिया में खाद बिक्री में अनियमितता, 31 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित

जालना में बर्बरता: मंदिर में जाने से नाराज लोगों ने युवक को सलाखों से दागा

प्रधानमंत्री आवास योजना में सुधार की जरूरत

  • मिट्टी के घर, बाढ़ प्रभावित घर और प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त मकानों को प्राथमिकता दी जाए।
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी के कारण लाभार्थियों को धनराशि में देरी हो रही है।

हरित ऊर्जा और इथेनॉल उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

  • महाराष्ट्र ने 1.21 अरब लीटर इथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
  • मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह इथेनॉल पर प्रति लीटर 2.50 रुपये की प्रोत्साहन सब्सिडी दी जाए।

कृषि उपज मंडी समितियों का पुनर्गठन

  • “एक तहसील – एक बाजार समिति” नीति को और प्रभावी बनाया जाए।
  • बिजली, पानी और शेड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

शतरंज को मिलेगा बढ़ावा

  • मिशन लक्ष्यवेध में शतरंज को शामिल करने की मांग।
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र के खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा।

गोंदिया-भंडारा जिलों में शराब उद्योग नीति में सुधार की जरूरत

  • यहां मक्का और चावल का उत्पादन अधिक होता है, जो शराब उद्योग के लिए उपयोगी हो सकता है।
  • औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के लिए शराब उद्योग पर प्रतिबंधों में ढील दी जाए।

Connect YouTube channel

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *