NewsFirst24.in

खबर वही, जो छुपाई जा रही है

Yahya Sinwar Death: इजराइल पर हमले के मास्टरमाइंड याह्या सिनवार की मौत: जिसे आम लड़ाका समझा वह सिनवार निकला

  • नेतन्याहू ने कहा- हमने हिसाब चुकता कर दिया, लेकिन जंग अभी जारी है
  • सिनवार की पहचान उसके चेहरे, दांत और घड़ी से से की गई
  • इजराइली सेना ने सिनवार से जुड़ा एक ड्रोन फुटेज जारी किया है

इजरायल पर हुए हमास हमले के मास्टरमाइंड याह्या सिनवार को मार गिराने का इजरायल ने दावा किया है। नेतन्याहू ने वीडियो मैसेज में कहा- हमने हिसाब चुकता कर दिया, लेकिन जंग अभी जारी है।

दांत और घड़ी से हुई पहचान

हमले में मारे गए याह्या सिनवार की पहचान उसके चेहरे, दांत और घड़ी से से की गई। इसमें पुष्टि हुई कि मारा गया शख्स याह्या सिनवार ही है। DNA टेस्ट भी किया गया है। 23 सितंबर को भी सिनवार की मौत का दावा किया गया था। हालांकि वह सही नहीं निकला।

बाइडेन बोले– यह इजराइल, अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा दिन है

सिनवार के मारे जाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सामने आए, उन्होंने कहा कि सिनवार ही 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था। यह इजराइल, अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा दिन है। वह हजारों इजराइलियों, फिलिस्तीनियों, अमेरिकियों और 30 से भी ज्यादा देशों के नागरिकों की मौत का जिम्मेदार था।

ड्रोन फुटेज में सिनवार के आखिरी पलों को दिखाया गया

इजराइली सेना ने सिनवार से जुड़ा एक ड्रोन फुटेज जारी किया है। इसमें सिनवार के आखिरी पल दिखाए गए हैं। वह बर्बाद हो चुके अपार्टमेंट में धूल से भरे एक सोफा पर बैठा है। उसका सिर और चेहरा स्कार्फ से ढका हुआ है। ड्रोन के नजदीक आने पर वह अपनी छड़ी फेंक उसे भगाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।

सिनवार को पहले आम लड़ाका समझा गया

इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया कि सिनवार राफा के ताल अल-सुल्तान इलाके में छिपा था। जब ये फुटेज ली जा रही थी, तब हमें पता नहीं था कि वह सिनवार है। उसके हाथ में गोली लगी थी और वह घायल था। हमें लगा था कि वो कोई आम हमास लड़ाका है। इसके बाद IDF ने इमारत पर बमबारी की, जिससे उसकी मौत हो गई।

सिनवार के पास यह सब मिला

 बुलेटप्रूफ जैकेट, ग्रेनेड और 40,000 इजराइली करेंसी मिली। CNN के मुताबिक, सिनवार आखिरी समय में जिस इलाके में रह रहा था, वह इजराइली हमले से लंबे समय तक अछूता रहा। 28 अगस्त को यहां पहली बार IDF ने हमला किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *