
This is why AAP minister Kailash Gehlot left Kejriwal, this is the real reason behind his resignation
आप पार्टी के सबसे प्रभावशाली मंत्री रहे कैलाश गहलोत ने अचानक से आप का साथ छोड़कर भाजपा ज्वाइंन कर ली। इसके पीछे की वजह उन्होंने अरविंद केजरीवाल को इस्तीफे में बताई। हालांकि यह वजह असली नहीं है कहानी कुछ और है। जिसे हमने अपने सूत्रों के हवाले से पता किया।
अपने मंत्रालय वापस लेने से नाराज थे गहलोत
अरविंद केजरीवाल के हनुमान कहने वाले कैलाश गहलोत का मन यूं ही रातों रात नहीं बदला। इसके पीछे की असली वजह यह थी कि जब अरविंद केजरीवाल जेल में थे। इसके पहले मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल जा चुके थे। उनके इस्तीफे के बाद केजरीवाल ने गहलोत को वित्त सहित कई अहम मंत्रालय सौंपे गए।
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उन्होंने विधानसभा में दिल्ली का बजट भी पेश किया। कुछ माह पहले केजरीवाल ने गहलोत से वित्त, राजस्व समेत कई अहम मंत्रालय वापस लेकर आतिशी को सौंप दिए। इसी तरह कैलाश सीए बनने का सपना संजोए बैठै थे मगर यह मौका भी उन्हें नहीं दिया गया। इसके कारण व अरविंद केजरीवाल से बुरी तरह नाराज थे। उन्होंने अरविंद और पार्टी से दूरी बना ली थी। यह दूरी समय के साथ खाई में बदलती गई और कैलाश को पार्टी छोड़ने की नौबत आ गई।
गहलोत ने दी सफाई कहा ED-CBI के दबाव से नहीं आया

अपने इस्तीफे पर कैलाश गहलोत ने सफाई देते हुए मीडिया से कहा कि मैने कभी किसी दबाव में आकर काम नहीं किया। कुछ लोग यह गलतफहमी फैला रहे हैं कि ईडी व सीबीआई के दबाव में यह कदम उठाया गया है। मैं पेशे से वकील हूं।
हजारों लोगों ने अपनी नौकरी व कारोबार छोड़कर एक उम्मीद के साथ अन्ना आंदोलन व उसके बाद आप से जुड़े थे। वह लोगों की सेवा व दिल्ली के विकास करने के लिए आप से जुड़े थे। आप में इस उद्देश्य के साथ समझौता होते देखा तो पीड़ा हुई। यह सिर्फ गहलोत नहीं हजारों लोगों की पीड़ा है। आम लोगों की सेवा करने की बात करने वाले अब खास हो गए हैं।
केंद्र से लड़ना दिल्ली के हित में नहीं हैं
कैलाश गहलोत ने कहा कि इस्तीफे के अपने पत्र के माध्यम से सभी विषय को उठा दिया है। कोई सरकार, मुख्यमंत्री व मंत्री यदि लगातार प्रत्येक छोटे या बड़े मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से लड़ती रहे तो वह दिल्ली के हित में नहीं है। मैंने अपने विभाग के काम के लिए केंद्र सरकार व उपराज्यपाल से टकराव नहीं किया। क्योंकि, किसी से टकराव के लिए नहीं दिल्ली के विकास के लिए राजनीति में आया हूं।
भाजपा के कंधे से कंधे मिलाकर चलेंगे
कैलाश गहलोत ने आगे कहा केंद्र की भाजपा सरकार के साथ कंधे से कंधे मिलकर चलने में ही दिल्ली का विकास संभव है। इसके लिए वह भाजपा में शामिल हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर उनके नेतृत्व में काम करने के लिए भाजपा में शामिल हुआ हूं।















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