नागपुर बोर्ड की भारी लापरवाही!
By सुनिल कावले, Newsfirst24.in
Published: February 07, 2025, 03:53 PM
गोंदिया | महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में छह महीने पहले हृदयगति रुकने से दिवंगत हुए शिक्षक को नागपुर बोर्ड ने दसवीं की प्रायोगिक परीक्षा के लिए बाह्य परीक्षक नियुक्त कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह नियुक्ति सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग स्कूलों में की गई!
बोर्ड की अनदेखी या घोर लापरवाही?
सालेकसा स्थित जानकीबाई विद्यालय के शिक्षक मिलिंद पंचभाई का 2 अगस्त 2024 को निधन हो चुका था।
इसकी सूचना संबंधित विद्यालय ने बोर्ड को पहले ही दे दी थी। बावजूद इसके, बोर्ड ने बिना किसी सत्यापन के उनके नाम पर परीक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी।
📌 क्या नागपुर बोर्ड अब भी पुराने रिकॉर्ड्स पर ही काम कर रहा है?
📌 क्या मृत शिक्षक को बुलाकर परीक्षा ली जाएगी?
📌 इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कब तक?
बोर्ड की पुरानी आदत – सेवानिवृत्त और मृत शिक्षकों के नाम जारी होते हैं आदेश!
बोर्ड हर साल प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए बाह्य परीक्षकों की नियुक्ति करता है। इसके लिए विज्ञान शिक्षकों की अपडेटेड सूची स्कूलों से मंगवाई जाती है। लेकिन नागपुर बोर्ड ने इस साल पुराने रिकॉर्ड पर ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए।
⚠ इतना ही नहीं, कई बार सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी आदेश दिए जाते हैं।
⚠ जबकि बोर्ड के पास नियुक्ति और सेवानिवृत्ति की पूरी जानकारी मौजूद होती है।
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बोर्ड की गलती से स्कूलों में हड़कंप!
इस साल 3 से 20 फरवरी के बीच दसवीं कक्षा की प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं।
लेकिन जब तिरखेडी और बिजेपार स्कूलों को आदेश मिला कि दिवंगत मिलिंद पंचभाई को बाह्य परीक्षक के रूप में भेजा जा रहा है, तो स्कूल प्रशासन भी चौंक गया!
अब सवाल यह है—
➡ क्या नागपुर बोर्ड अपनी गलती सुधारेगा?
➡ क्या भविष्य में ऐसे गंभीर लापरवाही के मामले रोके जाएंगे?
किसने क्या कहा
🎤 चित्रा जांगळे, मुख्याध्यापिका, जानकी विद्यालय, सालेकसा – “हमने बोर्ड को पहले ही जानकारी दी थी, फिर भी ये चौंकाने वाला आदेश जारी किया गया।”
🎤 एच. डी. गोसावी, मुख्याध्यापक, ग्रामविकास महाविद्यालय, तिरखेडी – “यह बोर्ड की भारी गलती है, इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।”
अब देखना होगा कि इस फजीहत के बाद नागपुर बोर्ड कब तक अपनी प्रक्रिया को अपडेट करता है या फिर ऐसी लापरवाहियां आगे भी जारी रहेंगी?











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