गढ़चिरौली में पूरी तरह शराबबंदी के बावजूद डुप्लीकेट शराब का खेल
गढ़चिरौली जिला महाराष्ट्र का वह इलाका है जहां पूरी तरह से शराबबंदी लागू है। यहां कई सामाजिक संगठन और NGO इस मुहिम को सफल बनाने में वर्षों से जुटे हुए हैं। इसके बावजूद जिले में डुप्लीकेट शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। यह जहरीली और मिलावटी शराब न केवल कानून की धज्जियां उड़ा रही है, बल्कि लोगों की जान भी ले रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की दबिश, जंगल में मिला कारखाना
गढ़चिरौली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक गुप्त सूचना मिली थी कि ताड़गांव थाना क्षेत्र में एक गुप्त स्थान पर डुप्लीकेट शराब बनाई जा रही है। इस इनपुट पर पुलिस ने देर रात ट्रैप लगाया और कुड़केलि के जंगल इलाके में छापेमारी की।
स्पिरिट से भरे 15 ड्रम और 40 लाख का मटेरियल जब्त
पुलिस को मौके से भारी मात्रा में डुप्लीकेट शराब बनाने का सामान मिला। इसमें शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाला स्पिरिट से भरे 15 प्लास्टिक ड्रम, तैयार मिलावटी शराब, और अन्य रासायनिक पदार्थ शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 40 लाख रुपये है।
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चार आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
इस कार्रवाई में वसंत प्रदान पावरा, शिवदास अमरसिंग पावरा, अर्जुन तोयाराम अहिरे और रविंद्र नारायण पावरा नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी महाराष्ट्र के धुले जिले के रहने वाले हैं। हालांकि, डुप्लीकेट शराब के इस कारखाने का मुख्य संचालक अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
गढ़चिरौली में कानून व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद डुप्लीकेट शराब का कारोबार किस हद तक जड़ें जमा चुका है। यह न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहा है।
निष्कर्ष
गढ़चिरौली पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित तौर पर सराहनीय है, लेकिन यह भी तय है कि डुप्लीकेट शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।
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