By कुंवरचंद मंडले, Newsfirst24.in
Published: December 09, 2025, 03:31 PM

नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ में सरकारी तंत्र के दंश से शहीद का परिवार भी नहीं बचा। भारत पाकिस्त्तान के 1965 युद्ध में अतुलनीय धैर्य दिखाकर शहदात पाने वाले वीर जवान के 80 वर्ष की पत्नी की न्याय के लिए आमारण अनशन करना पड़ रहा है।
परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है
देश के लिए अपनी जान निछावर करने वाले सैनिक के पूरे परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिल्हे स्थित लोहा तहसील के जामगा शिवणी गांव के वीर शहीद माधवराव बोडके 1965 की भारत पाकिस्तान की जंग में अदम साहस दिखाकर देश के शहीद हो गए।
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शहीद जवान को मरणोपरांत सरकार ने सम्मान दिया था
इस शहीद जवान को मरणोपरांत सरकार ने सम्मान दिया। शहादत के कुछ सालो बाद इस शहीद जवान की बेवा कलावती बोडके को सरकार की ओर से पांच एक्क्ड़ जमीन दी गई। कानूनी कार्रवाई पुरी हुई यह सरकारी जमीन इस वीर शहीद जवान माधव बोडके की बेवा पत्नी कलावती बोडके आवंतीत की गई थी किंतु राजस्व विभागके अधिकारीओ ने आज तक 7/12 में इस महिला का नाम अंकित नही किया ।
जबकि महिला और उनका परिवार कई बार सरकारी कार्यालय का चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। ऐसे में अब न्याय के लिए आमारण अनशन करने पर मजबूर हैंं।











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