By पवन मराठे, Newsfirst24.in
Published: march 10, 2025, 03:18 PM
10 acres of land was grabbed by using a dead woman as a pretext, former MLA Anil Gote’s sensational allegation on Minister Jaykumar Rawal
धुले: महाराष्ट्र के धुले जिले में जमीन घोटाले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राज्य के प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल पर पूर्व विधायक अनिल गोटे ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि रावल ने 1993 में निमगुल गांव की एक मृत महिला के स्थान पर दूसरी महिला को खड़ा कर 10 एकड़ 19 गुंठा जमीन हड़प ली। इस मामले को लेकर शिंदखेड़ा अदालत ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन 14 साल बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कैसे हुई जमीन हड़पने की साजिश?
पूर्व विधायक अनिल गोटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया कि 1993 में निमगुल स्थित जयचंद्र एग्रो इंडिया कंपनी द्वारा 10 एकड़ 19 गुंठा जमीन खरीदी गई थी। उस समय जमीन मालिक महिला की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन इस सौदे को अंजाम देने के लिए मृत महिला के स्थान पर दूसरी महिला को खड़ा कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन पर कब्जा कर लिया गया।
गोटे ने दावा किया कि मंत्री रावल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन अपने नाम करवा ली और इस पूरी प्रक्रिया को वैध बनाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया। अदालत ने इस मामले में 14 साल पहले प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
14 साल बाद भी न्याय नहीं मिला – गोटे
पूर्व विधायक अनिल गोटे ने कहा कि इस मामले में 14 साल पहले ही अदालत ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक न तो पीड़ित महिला को न्याय मिला और न ही जमीन वापस मिल सकी। गोटे ने आरोप लगाया कि मंत्री रावल ने अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर इस मामले को दबा दिया।
“यह बेहद गंभीर मामला है कि एक मंत्री ने मृत महिला के स्थान पर दूसरी महिला को खड़ा कर जमीन अपने नाम करवा ली। न्यायालय के आदेश के बावजूद पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है। यह दिखाता है कि राज्य में किस तरह सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है।” – अनिल गोटे
गोटे ने लगाए और भी गंभीर आरोप
अनिल गोटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री जयकुमार रावल पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंत्री रावल के खिलाफ कई मामलों में भ्रष्टाचार, जमीन हड़पने, और सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। लेकिन हर बार वह अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर मामलों को दबा देते हैं।
गोटे ने कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे।
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मंत्री रावल की प्रतिक्रिया का इंतजार
पूर्व विधायक अनिल गोटे द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद अब सभी की निगाहें मंत्री जयकुमार रावल पर टिकी हैं। अब देखना यह होगा कि रावल इन आरोपों पर क्या सफाई देते हैं और क्या राज्य सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच कराएगी?
फिलहाल, 14 साल बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है और मंत्री पर लगे इन गंभीर आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।











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