By रवि आर्य, Newsfirst24.in
Published: march 10, 2025, 03:37 PM
Gondia: Marriage of minor bride and groom stopped, wedding procession returned without the bride
गोंदिया। जिले के आमगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहरानटोली (धामनगांव) में एक नाबालिग दूल्हा-दुल्हन की शादी रुकवा दी गई। शादी के लिए मंडप सज चुका था, बारात दरवाजे पर पहुंचने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस और बाल संरक्षण समिति की टीम मौके पर पहुंची और शादी को रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद बारात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
शादी की तैयारियां पूरी, लेकिन पुलिस ने रोक दी रस्में
यह घटना 7 मार्च की है जब पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम मोहरानटोली (धामनगांव) में एक नाबालिग जोड़े का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही आमगांव थाना पुलिस, भरोसा सेल और दामिनी पथक की टीम सक्रिय हो गई और तुरंत मौके पर पहुंची।
मंडप सज चुका था, दुल्हन के घर मंगल गीत गाए जा रहे थे और बारात दरवाजे पर पहुंचने के लिए निकली ही थी कि पुलिस टीम वहां पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत शादी रुकवाने के निर्देश दिए और वर-वधू के परिवार से उनके आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट मांगे।
जांच के दौरान सच सामने आया कि दूल्हा और दुल्हन दोनों नाबालिग हैं। दूल्हा की उम्र 17 साल और दुल्हन की उम्र भी 17 साल पाई गई। शादी के लिए कानूनी उम्र से कम होने के कारण पुलिस ने विवाह को रोक दिया।
अधिकारियों ने दी कानूनी जानकारी, अभिभावकों को किया CWC के समक्ष पेश
शादी रुकवाने के बाद पुलिस और बाल संरक्षण समिति ने दोनों पक्षों के अभिभावकों को समझाइश दी और कानूनों की जानकारी दी। भारत सरकार द्वारा विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम उम्र 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल निर्धारित की गई है। इससे कम उम्र में शादी करना गैरकानूनी है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
इसके बाद पुलिस ने दोनों परिवारों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जहां उन्हें कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। समझाइश के बाद वर-वधू के परिवारों ने तय विवाह को रद्द करने पर सहमति जताई और बारात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
बारात लौटी, लेकिन बाल विवाह टला
इस घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल बन गया। जो बारात धूमधाम से दुल्हन को विदा कराने के लिए निकली थी, वह बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
पुलिस ने बताया कि यदि यह विवाह हो जाता तो यह कानून का उल्लंघन होता और वधू के अभिभावकों सहित आयोजकों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता था। हालांकि, समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने शादी रद्द करने का निर्णय लिया, जिससे मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया।
बाल विवाह रोकने में पुलिस और प्रशासन का सराहनीय योगदान
बाल विवाह रोकने के इस अभियान में जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा, प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती नंदिनी चानपूरकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इसके अलावा महिला सहायक पुलिस निरीक्षक मनीषा निकम (भरोसा सेल), दामिनी पथक के पुलिस अधिकारी राजेंद्र अंबादे, महिला पुलिस सिपाही पूनम मंजूटे, वैशाली भांदक्कर, प्रिती बुरेले, राधेश्याम रहांगडाले, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे, तथा समाजसेवी रवींद्र टेंभुर्णे, मनीषा चौधरी, भागवत सूर्यवंशी, अशोक बेलेकर, अमित बेलेकर, ज्ञानेश्वर पटले, दीपमाला भालेराव ने संयुक्त रूप से शादी को रुकवाने में अहम भूमिका निभाई।
बाल विवाह कराना है कानूनी अपराध
पुलिस ने एक बार फिर समाज को चेतावनी देते हुए कहा कि बाल विवाह कराना एक गंभीर अपराध है।
- भारत में विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है।
- बाल विवाह कराने पर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह कराने में सहयोग करता है तो उसे भी सजा का भागीदार बनाया जा सकता है।
समाज के लिए सबक, प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
गांव के कई लोगों ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस और बाल संरक्षण समिति की सराहना की। कई ग्रामीणों ने माना कि बाल विवाह के कारण बच्चों का भविष्य खराब हो जाता है, इसलिए समाज को आगे बढ़कर बाल विवाह रोकने के लिए जागरूक होना चाहिए।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बाल विवाह कराते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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निष्कर्ष: बिना दुल्हन के लौटी बारात, कानून की हुई जीत
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा, लेकिन यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सबक बना है।
“बेटियों को पढ़ाओ, उन्हें आत्मनिर्भर बनाओ, कम उम्र में उनकी शादी न करवाओ।”
- पुलिस और बाल संरक्षण समिति का संदेश
👉 यदि आपके आसपास कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो, तो तुरंत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।











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