By MUMBAI BUREAU,
Published: November 30 , 2024, 08:36 PM
सीएम कौन होगा यह अब तक पता नहीं

Swearing-in ceremony will be held on 5th in Maharashtray मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में अब एक और नया रोचक मोड़ आ गया है। शपथ ग्रहण सामारोह 5 दिंसबर को होगा इसकी घोषणा शनिवार को कर दी गई है। यह वैसा ही है कि शादी में दूल्हा कौन है यह तय नहीं है मगर शादी की तारीख बता दी गई है। दूसरी तरफ सीएम और विभागों के बंटबारे में अभी भी महायुति में महासंघर्ष जारी है।
महाराष्ट्र का सीएम कौन बनेगा अभी भी यह पहेली बनी हुई है। चुनाव नतीजों के बाद से ही विपक्ष लगातार नई सरकार के गठन से लेकर सीएम के नाम पर सवाल खड़े कर रहा है। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शपथ ग्रहण समारोह की तारीख की घोषणा कर दी है। जो 5 दिसंबर है। उन्होंने न्यूज एजेंसी Ani को भी इस संबंध में जानकारी दी। जिस पर 5 दिसंबर की तारीख बताई गई है।
महाराष्ट्र के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार (30 नवंबर,2024) को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर को शाम पांच बजे मुंबई के आजाद मैदान में होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।

शादी में फूफा की भूमिका में शिंदे
महाराष्ट्र में सीएम के चेहरे पर छिड़ा विवाद अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण सामारोह की घोषणा कर दी गई है। मतलब सरकार में सीएम के ताशपोशी की पूरी तैयारी हो चुकी है पूरी बारात रेडी है मगर एकनाथ शिंदे अचानक से शादी में फूफा की स्थिति में आ गए। उन्होंने बीजेपी आलाकमान के सामने कह दिया कि या तो उनकी मांगे माने नहीं तो उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए वह केवल बाहर से समर्थन देंगे और रूठकर अपने गांव चले गए।

शपथ ग्रहण सामारोह की घोषणा के पहले अब उनको घर वालों की तरह पूरा बीजेपी परिवार मनाने में जुटा हुआ है। इधर अमित शाह ने एक बार फिर महायुति के तीनों नेताओं को दिल्ली तलब किया ताकि इस विवाद का अंत हो सके। शुक्रवार को मुंबई में भी एकनाथ शिंदे गुट की बैठक होना थी मगर शिंदे की नाराजगी और गांव चले जाने के बाद वह भी नहीं हो पाई।
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एक के बाद एक शर्त रख रहे हैं शिंदे
विधानसभा में चुनाव परिणाम के बाद सबसे पहले एकनाथ शिंदे सीएम की कुर्सी के लिए अड़े रहे। शपथ ग्रहण सामारोह की घोषणा कर दी गई है। हालांकि अभी भी शिंदे को मान-मनौव्वल का दौर जा रही है। एकनाथ शिंदे ने अब अपनी नई मांग बीजेपी आला कमान के सामने रख दी है कि उन्हें यदि सीएम नहीं बनाया जा रहा है तो कोई बात नहीं गृह और वित्त जैसे विभाग उनकी पार्टी के पास रहना चाहिए। ऐसे में एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई। उन्हें बीजेपी आलाकमान द्वारा बार-बार समझाया गया मगर वह नहीं माने और आखिर में रूठकर अपने गांव चले गए।











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