By digital team, Newsfirst24.in
Published: October 23, 2024, 04:30 pm
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प्रेमिका का मोबाइल एक ट्रक में फेंक दिया, जिससे पुलिस लोकेशन ढूंढ़ती रह गई
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शव दफनाकर ऊपर के कंक्रीट कर दी ताकि किसी का शक नहीं जाए
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सेना और उसकी प्रेमिका कर रहे थे एक-दूसरे को ब्लैकमेल
नागपुर,। सेना के एक जवान ने तीन शादियां कीं, चौथी शादी की तैयारी में था मगर प्रमिका से अन-बन हो गई। इस पर उसने प्रेमिका को एक जगह बुलाकर उसकी हत्या कर दी और शव कार में ले जाकर दृश्यम स्टाइल में एक कॉलेज के पास दफना दिया। किसी को शक नहीं जाए इसलिए ऊपर से कंक्रीट भी कर दिया। पुलिस को मोबाइल की लोकेशन कहीं और की मिले इसलिए प्रेमिका का मोबाइल एक चलते ट्रक में डाल दिया। हालांकि पुलिस के सामने डेढ़ माह बाद मामला खुल गया।
पुलिस ब्लाइंड मर्डर मान रही थी
नागपुर की एक युवती ज्योत्सना आकरे(33), जिसका मर्डर पुलिस करीब डेढ़ महीने से ब्लाइंड मर्डर समझ रही थी उसकी हत्या की गुथ्थी सुलझ गई। एक ऐसी हैरान करने वाली कहानी समाने आई कि शुरुआत में किसी को भी उस पर यकीन करना मुश्किल था। मगर एक-एक परत सामने आने पर सब हैरान रह गए। खुद को पुलिस को यकीन करने में समय लगा।
हैदराबाद और छत्तीसगढ़ तक ढूंढती रही पुलिस
ज्योत्सना आकरे को पुलिस कई दिनों से हैदराबाद और छत्तीसगढ़
में ढूंढ रही। क्योंकि उसके मोबाइल की लोकेशन वहां बताई जा रही थी। उसकी मौत डेढ़ महीने पहले ही हो चुकी थी। पुलिस को शुरुआती जांच में लग रहा था कि ज्योत्सना बिना बताए घर से कहीं गायब हो गई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस उसे खोज रही थी।
नागालैंड सेना में तेनात है सेनिक
इस हत्या का मास्टरमांइड आरोपी का अजय वानखेड़े है। 33 साल का शख्स अजनी का रहने वाला है और नगालैंड में तैनात है। पुलिस ने बताया कि शख्स ने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या के बाद अपनी प्रेमिका के शव को नागपुर के पास बूटीबोरी से लगे जंगल में दफना दिया।
हत्या के बाद एक-एककर सारे सबूत मिटा दिए
आरोपी ने अपनी प्रेमिका की हत्या के बाद उसका मोबाइल फोन ट्रक में फेंक दिया था, जिसके बाद ट्रक का पता हैदराबाद और फिर छत्तीसगढ़ तक चला। हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश का मामला बेलतरोडी पुलिस ने सुलझा लिया है 21 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने शव को भी बाहर निकाला है और घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच भी की गई है।
शादी का दबाव बना रही थी ज्योत्सना
अजय वानखेड़े पहले ही तीन शादियां कर चुका है और वह चौथी शादी अपनी प्रेमिका से करने की फिराक में था। हालांकि बाद में उसका इरादा बदल गया। मगर ज्योत्सना लगातार शादी का दबाव बना रही थी इस पर उसने अपनी प्रेमिका ज्योत्सना आकरे (32) की हत्या कर दी।
मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी मुलाकात
दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी। वानखेड़े ने इस साइट पर अपने लिए वधु तलाश रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान ज्योत्सना से हुई। दोनों की पहले बात हुई फिर मुलाकात शुरू हो गई। और धीरे-धीरे कर नजदीकियां बढ़ने लगी।
दोनों एक-दूसरे को ब्लैकमेल कर रहे थे
जब ज्योत्सना को वानखेड़े की तीसरी शादी की बात पता चली तो वह उसे ब्लैकमेल करने लगी कि यदि उसकी मांग नहीं मानी तो वह उसकी तीसरी पत्नी को उनके रिलेशन के बारे में बता देगी। दूसरी तरफ अजय को भी ज्योत्सना के एक रिलेशन का पता चला था तो वह भी उसे ब्लैकमेल कर रहा था। जब ज्योत्सना की ब्लैकमेलिंग में हदे पार करने लगी तो उसने उसकी हत्या की योजना बनाई।
सुनसान जगह बुलाया, शराब पिलाई और हत्या कर दी
अजय वानखेड़े ने तलाकशुदा ज्योत्सना को बुटीबोरी के पास एक सुनसान जगह पर बुलाया। उसने पहले उसे शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद सेना के पुणे अस्पताल में भर्ती हो गया
शव को दफनाने के बाद वानखेड़े ने गड्ढे को पत्तियों और पेड़ की शाखाओं से ढक दिया और प्राकृतिक जंगल जैसा दिखने के लिए उस पर पत्थर भी रख दिए। वानखेड़े ने वर्धा रोड पर एक गुजरते ट्रक में उसका सेलफोन फेंक दिया। इसके बाद वानखेड़े पुणे गया और सेना के एक अस्पताल में भर्ती हो गया। ताकि पुलिस को जब ज्योत्सना का पता चले तो वह यह दिखा सके कि वह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती था।

– शव दफनाकर ऊपर के कंक्रीट कर दी ताकि किसी का शक नहीं जाए
पुलिस ने किडनैपिंग का किया केस
बेलतरोडी पुलिस ने पहले 29 अगस्त को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की थी, लेकिन बाद में 17 सितंबर को अपहरण के रूप में मामला दर्ज किया और ज्योत्सना की तलाश शुरू की। पुलिस को पहले तो कुछ पता नहीं चला क्योंकि उसका सेलफोन लोकेशन अलग-अलग जगहों पर दिखाई दे रहा था।
ड्राइवर चला रहा था ज्योत्सना का मोबाइल
ट्रक ड्राइवर को ज्योत्सना का सेलफोन अपने ट्रक में मिला। उसने उसका सिम कार्ड निकाल दिया और अपना सिम कार्ड डालकर मोबाइल यूज करने लगा। वह काम के लिए गाड़ी चला रहा था, जिससे पुलिस को लगा कि ज्योत्सना भाग गई है और इधर-उधर घूम रही है। फिर पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की। यहां से पुलिस को कुछ नहीं मिला।
ऐसे खुला हत्या का राज
जब बेलतरोडी पुलिस, वरिष्ठ निरीक्षक मुकुंद कवाडे और डीसीपी रश्मिता राव वानखेड़े से पूछताछ करने गई, तो उसने सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। बाद में उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 5 अक्टूबर को वहां भी उसे जमानत नहीं मिली। जब पहली बार पूछताछ की गई, तो उसने अपराध स्वीकार करने से इनकार कर दिया।















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