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बुलढाणा: अवैध धंधों पर कार्रवाई क्यों नहीं? विधायक संजय गायकवाड़ के सवाल पर सरकार मौन!

बुलढाणा: अवैध धंधों पर कार्रवाई क्यों नहीं? विधायक संजय गायकवाड़ के सवाल पर सरकार मौन!

By वसीम शेख अनवर , Newsfirst24.in

Published: march 05, 2025, 03:58PM

बुलढाणा: अवैध धंधों पर कार्रवाई क्यों नहीं? विधायक संजय गायकवाड़ के सवाल पर सरकार मौन!बुलढाणा | हिवाली अधिवेशन (शीतकालीन सत्र) में शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने बुलढाणा जिले में चल रहे अवैध धंधों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। उन्होंने सरकार से इन गैरकानूनी गतिविधियों की जांच कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि, यह मामला केवल सदन में उठकर रह गया, क्योंकि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अब जब अर्थसंकल्पीय अधिवेशन (बजट सत्र) शुरू हो चुका है, तब भी इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर “मांडवली” (समझौते) का आरोप लगाया है।

“क्या सरकार ने मांडवली कर मामला दबा दिया?” – कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सवाल उठाया कि जब अधिवेशन में किसी मुद्दे को उठाया जाता है, तो उसकी जांच और कार्रवाई होना स्वाभाविक है। लेकिन संजय गायकवाड़ द्वारा उठाए गए अवैध धंधों के मुद्दे पर कोई जांच भी नहीं हुई, जिससे संदेह बढ़ गया है। सपकाल ने सीधे तौर पर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए “मांडवली” (समझौता) की गई है, जो जनता के सामने आनी चाहिए।

बुलढाणा: अवैध धंधों पर कार्रवाई क्यों नहीं? विधायक संजय गायकवाड़ के सवाल पर सरकार मौन!विधायक धीरज लिंगाड़े की चुप्पी भी सवालों के घेरे में!

इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि कांग्रेस के अमरावती पदवीधर मतदाता संघ के विधायक धीरज लिंगाड़े ने भी पहले बुलढाणा में चल रहे अवैध धंधों के खिलाफ आवाज उठाई थी। लेकिन कुछ समय बाद वह इस मुद्दे पर शांत हो गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा “मांडवली” की बात कहे जाने के बाद अब यह भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या विधायक धीरज लिंगाड़े ने भी किसी दबाव में आकर या ‘समझौते’ के चलते चुप्पी साध ली है?

बुलढाणा: अवैध धंधों पर कार्रवाई क्यों नहीं? विधायक संजय गायकवाड़ के सवाल पर सरकार मौन!क्या अब होगी कार्रवाई या रहेगा सन्नाटा?

अब जब बजट सत्र भी शुरू हो चुका है, देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर यह मामला सिर्फ चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा। जनता और विपक्ष इस पर सरकार से जवाब मांग रहा है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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