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मराठी भाषा का अपमान करने वाले भैय्याजी जोशी के खिलाफ शिवसेना (उद्धव गुट) का विरोध प्रदर्शन

मराठी भाषा का अपमान करने वाले भैय्याजी जोशी के खिलाफ शिवसेना (उद्धव गुट) का विरोध प्रदर्शन

By मोमीन हारून ,

Published: march 09, 2025, 02:13PM

Shivsena (Uddhav faction) protests against Bhaiyyaji Joshi for insulting Marathi language

मराठी भाषा का अपमान करने वाले भैय्याजी जोशी के खिलाफ शिवसेना (उद्धव गुट) का विरोध प्रदर्शनलातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता भैय्याजी जोशी के विवादित बयान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन लातूर के महात्मा गांधी चौक पर आयोजित किया गया, जिसमें शिवसेना उद्धव गुट के जिला प्रमुख संतोष सोमवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों शिवसैनिकों ने भैय्याजी जोशी के बयान की निंदा करते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की।

क्या कहा था भैय्याजी जोशी ने?

दरअसल, कुछ दिनों पहले RSS के वरिष्ठ नेता भैय्याजी जोशी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि,

“मुंबई आने वाले लोगों के लिए मराठी सीखना अनिवार्य नहीं है।”

उनके इस बयान से महाराष्ट्र के मराठीभाषी समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे मराठी भाषा और महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान माना। भैय्याजी जोशी के इस बयान के खिलाफ शिवसेना (उद्धव गुट) ने खुलकर विरोध जताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

शिवसेना का आक्रामक रुख, माफी की मांग

शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के जिला प्रमुख संतोष सोमवंशी ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि,

“यह महाराष्ट्र है, और मराठी यहां की पहचान है। कोई भी व्यक्ति महाराष्ट्र आकर यह कहे कि मराठी सीखना जरूरी नहीं है, यह अस्वीकार्य है। भैय्याजी जोशी ने मराठी भाषा का अपमान किया है, और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा, हम शिवसैनिक शांत नहीं बैठेंगे।”

प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए भैय्याजी जोशी के पुतले को जलाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक भैय्याजी जोशी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक शिवसेना का विरोध जारी रहेगा।

मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं – शिवसेना

प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि,

“जो मराठी भाषा का अपमान करेगा, उसे महाराष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है।”

शिवसैनिकों का मानना है कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है और वहां रहने वाले हर व्यक्ति को मराठी भाषा सीखना अनिवार्य होना चाहिए। भैय्याजी जोशी का यह कहना कि मुंबई आने वाले लोगों के लिए मराठी सीखना जरूरी नहीं है, यह महाराष्ट्र की अस्मिता और मराठी भाषा का सीधा अपमान है।

भैय्याजी जोशी से सार्वजनिक माफी की मांग

मराठी भाषा का अपमान करने वाले भैय्याजी जोशी के खिलाफ शिवसेना (उद्धव गुट) का विरोध प्रदर्शनशिवसेना (उद्धव गुट) ने इस दौरान साफ शब्दों में कहा कि यदि भैय्याजी जोशी जल्द ही सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो पूरे महाराष्ट्र में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।

जिला प्रमुख संतोष सोमवंशी ने कहा कि,

“भैय्याजी जोशी जैसे बड़े नेता को इस तरह का बयान देने से पहले सोच समझकर बोलना चाहिए था। यह बयान मराठी भाषा और महाराष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाने वाला है। जब तक वे माफी नहीं मांगते, तब तक शिवसेना का आंदोलन जारी रहेगा।”

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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिवसैनिकों की मौजूदगी

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिवसेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने मिलकर RSS नेता भैय्याजी जोशी के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

फिलहाल, भैय्याजी जोशी की तरफ से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) ने साफ कर दिया है कि यदि जल्दी ही माफी नहीं मांगी गई, तो यह विरोध प्रदर्शन पूरे महाराष्ट्र में तेज कर दिया जाएगा।

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