बजाज डकैती ने वाळूज महानगर को हिला दिया
छत्रपती संभाजीनगर के अंतर्गत वाळूज महानगर की प्रीमियम कॉलोनी बजाज नगर में एक ऐसी डकैती की वारदात घटी है, जिसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया है। 15 मई की रात यह डकैती सामने आई जब जानकारी मिली कि उद्योजक संतोष लड्डा के आलीशान बंगले में घुसकर चोरों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति लूट ली। यह घटना स्थानीय पुलिस इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डकैती मानी जा रही है। बजाज डकैती ने शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
विदेश गए थे मकानमालिक, घर में अकेले थे कर्मचारी
संतोष लड्डा एक सफल व्यवसायी हैं और वाळूज एमआयडीसी क्षेत्र में ‘दिशा ऑटो कॅम्पस’ नामक कंपनी के मालिक हैं। वे दिनांक 8 मई को अपने परिवार के साथ विदेश यात्रा पर गए थे। उनके घर की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी उनके विश्वसनीय चालक संजय झळके पर थी। झळके बंगले में अकेले रह रहे थे और हर रात वहां रुकते थे। घटना वाली रात भी वह बंगले में अकेले ही सो रहे थे जब डकैतों ने वारदात को अंजाम दिया।
आधी रात को पिस्तौल की नोंक पर बंधक बनाकर लूटपाट
15 मई की रात लगभग दो बजे, अज्ञात चोर गेट तोड़कर बंगले में घुसे। अंदर जाकर उन्होंने संजय झळके को पिस्तौल दिखाकर धमकाया, उनके हाथ-पैर कसकर बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दी। इसके बाद चोरों ने पूरे बंगले में तलाशी लेकर एक-एक आलमारी और लॉकर तोड़कर कुल 8 किलो सोने के गहने, 40 किलो चांदी और रोकड़ रकम लेकर फरार हो गए। झळके किसी तरह सुबह चार बजे के आसपास खुद को छुड़ाकर बाहर आए और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। तभी जाकर बजाज डकैती की जानकारी पुलिस को दी गई।
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सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
संतोष लड्डा के बंगले में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था थी, जिसमें कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। घटना की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चोरों की हरकतें कैमरे में कैद हुई हैं। पुलिस अब उन फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि डकैत पेशेवर थे और उन्हें घर के बारे में पूरी जानकारी पहले से थी। बजाज डकैती की यह योजना कई दिनों की प्लानिंग का नतीजा लग रही है।
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी
जैसे ही घटना की सूचना वाळूज पुलिस थाने को मिली, तत्काल वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। छत्रपती संभाजीनगर शहर के उपायुक्त नितीन बगाटे, सहायक पोलीस उपायुक्त संजय सानप, गुन्हे शाखा निरीक्षक संदीप गुरमे, वाळूज एमआयडीसी के वरिष्ठ निरीक्षक रामेश्वर गाडे, छावणी पोलीस निरीक्षक दिलीप ठाकूर, वाळूज पोलीस निरीक्षक राजेंद्र शहाणे घटनास्थळ पर पहुंचे। ठसे तज्ञ (फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट) और श्वान पथक (डॉग स्क्वॉड) की मदद से इलाके की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस ने संभावित रूट, मोबाइल नेटवर्क्स और पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
नागरिकों में दहशत, सुरक्षा को लेकर चिंता
बजाज डकैती के बाद पूरे वाळूज महानगर खासकर बजाज नगर के रहवासियों में असुरक्षा की भावना गहराई है। यह इलाका अब तक सबसे सुरक्षित और हाईप्रोफाइल माना जाता था, लेकिन इतनी बड़ी डकैती ने यहां के नागरिकों को झकझोर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कॉलोनी में रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग न के बराबर है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस का बयान और जनता की प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर पहुंचे सहायक पोलीस उपायुक्त संजय सानप ने मीडिया को बताया कि बजाज डकैती को लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है और जल्द ही दोषी पुलिस के शिकंजे में होंगे। वहीं स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को लेकर अपनी चिंता जताई है और कहा है कि पुलिस को समय रहते गश्त और निगरानी बढ़ानी चाहिए थी।
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